वाराणसी. वाराणसी कैंट पुलिस और एंटी टेरेरिस्ट स्क्वायड (एटीएस) ने संयुक्त अभियान चलाकर पूर्वांचल नकली नोटों के दो सौदागरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कैंट थाना क्षेत्र स्थित आईजी कार्यालय के पास से दोनों को नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया गया। ये दोनों वाराणसी और आस-पास के जिलों में नकली नोटों की डिलीवरी देने के लिए आए थे। इसी बीच मुख्बिर की सूचना पाकर पुलिस ने रंगे हाथों पकड़ लिया।
पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि पकड़ा गया मनोज निषाद जाफराबाद और अरविंद निषाद बक्सा का रहने वाला है। ये दोनों इलाके जौनपुर के अंतर्गत आते हैं। इस व्यापार में मनोज मास्टर माइंड की भूमिका अदा करता है। दोनों के पास से 500 रुपए के दो लाख रुपए बरामद किए गए हैं।
गांव से चलाता था रैकेट
गिरफ्तार किए गए दोनों युवकों से एटीएस ने 500 रुपए के 400 नोट और दो
मोबाइल फोन सहित चार सिम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस ने बताया कि गिरोह का मास्टर माइंड मनोज अपने गांव से रैकेट संचालित करता था। वहीं अरविंद मुसीदाबाद से गिरोह के मुख्य सरगना को असली नोट देकर नकली नोट की डिलेवरी लेता था। वहां से वह नकली नोट को बाजार में फैलाता था। ये दोनों साल 2004 से इस धंधे में सक्रिय हैं।
कैसे होता नकली नोटों का धंधा
पुलिस ने बताया कि ये 30 हजार रुपए देकर एक लाख रुपए के नकली नोट लेते थे। इसके बाद वे इसे 55 हजार रुपए में बेच देते थे। इस हेरा-फेरी में वे करीब 25 हजार रुपए से लेकर एक लाख रुपए तक कमाते थे।
फोटो: 500 रुपए के नकली नोटों को दिखाते हुए गिरफ्तार किए गए दोनों युवक।