वाराणसी. यूपी पुलिस के सिपाही ने दोस्त के साथ मिलकर नाबालिग लड़की से गैंगरेप किया। सारनाथ थाने में पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि सिपाही फरार बताया जा रहा है। गिरफ्तार युवक के जुर्म कबूलने का दावा भी पुलिस कर रही है। सिपाही का नाम विनोद राणा है। वह बलिया जिले के चितबड़ा थाने में तैनात है।
जानकारी के मुताबिक, राधिका (बदला हुआ नाम) का पूरा परिवार गाजीपुर का रहने वाला है। उसके पिता काशी में ही प्राइवेट नौकरी करते हैं। कुछ महीने पहले चन्द्रा चौराहे के पास इस परिवार ने किराए पर सिपाही का मकान लिया था। बलिया में तैनात सिपाही जब भी आता, तो वह हमेशा राधिका पर नजर रखता था। 12 दिसंबर को अपने दोस्त के साथ वह आया और किसी काम के बहाने लड़की को बुला कर बातचीत करने लगा। इसके बाद उसने दोस्त के साथ मिलकर गैंगरेप किया।
इस दौरान राधिका पुलिस को शिकायत करने न चली जाए, इसके लिए सिपाही दो दिनों तक वहां पर टिका रहा। वह पीड़ित परिवार को पुलिस में होने की धौंस देता था और कहता था कि वह पुलिस वाला है, उसका कुछ नहीं होगा। दो दिन बाद पीड़ित लड़की सारनाथ थाने पहुंची और सिपाही समेत उसके दोस्त पर केस दर्ज करवाया।
क्या कहती है पुलिस
कैंट सीओ विनोद कुमार सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ गैंगरेप, पास्को एक्ट और धमकी देने की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। एक आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया गया है, जबकि सिपाही वारदात के बाद फरार है। दबिश डाली जा रही है, जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
क्या है पास्को एक्ट
- लैंगिक उत्पीड़न से बच्चों के संरक्षण का अधिनियम 2012 बनाया गया है। अंग्रेजी में इसको संक्षिप्त रूप से पास्को कहते हैं। इसमें कई धाराएं हैं।
-धारा 4- बच्चे से की सजा सात साल से उम्रकैद और जुर्माना है।
-धारा 6- रेप के बाद गंभीर चोट लगने पर। इसमें दस साल से उम्रकैद की सजा और जुर्माना है।
-धारा 7 व 8- गुप्तांग से छेड़छाड़। पांच से सात साल व जुर्माना तक की सजा है।
फोटोः कैंट सीओ विनोद कुमार सिंह, वारदात के बारे में जानकारी देते हुए।