पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Railway Employees Protest Against FDI Varanasi

एफडीआई के विरोध में रेल कर्मचारियों ने किया धरना प्रदर्शन

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
वाराणसी. भारत सरकार के मजदूर विरोधी नीतियों और एफडीआई के विरूद्ध राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन और आमसभा किया। इसमें इंजीनियरिंग, विद्युत यांत्रिक, वाणिज्य, यातायात, सिग्नल विभागों के कार्यकर्ता और संघ के प्रतिनिधि उपस्थित थे। कर्मचारियों ने धरने के माध्यम से केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की है।

भारतीय रेलवे मजदूर संघ के सहायक महामंत्री डीके चक्रवर्ती ने धरना स्थल पर सभा में कहा कि सरकार 100 प्रतिशत एफडीआई कर कर्मचारी हितों और देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करना चाहती है। इसे कभी भी पूर्वोत्तर रेलवे श्रमिक संघ के कार्यकर्ता बर्दाश्त नहीं करेंगे। चक्रवर्ती ने कहा कि एफडीआई के बजाय लीकेज और भ्रष्टाचार पर अंकुश और वार्डों के द्वारा पर्याप्त धन संचय करने के बजाय देश को विदेशी शक्तियों के हाथों की कठपुतली बनाना चाहती है।

समय पर नहीं दिया जाता है यात्रा भत्ता
मंडल मंत्री विशेश्व राय ने बताया कि कर्मचारियों के यात्रा भत्तों को प्रशासनिक त्रुटि को कारण समय पर भुगतान नहीं कराया जाता है। उल्टा विलंब की जिम्मेदारी कर्मचारी पर डालकर भुगतान में अड़ंगेबाजी की जाती है। ऐसे ही शिक्षा प्रतिपूर्ति लीव इन कैश पेमेंट और ओवर टाइम के भुगतान में भी टाल मटोल किया जाता है। बताया गया कि पूर्वोत्तर रेलवे श्रमिक संघ शीघ्र ही एक व्यापक अभियान के द्वारा नॉन पेमेंट ग्रिवांस कलेक्शन कैंप लगाकर भुगतान कराया जाएगा।

ये है प्रमुख मांगे
न्यूनतम वेतन 10000 हजार प्रति महीने और इसे मूल सूचकांक से जोड़ा जाए।
सिलिंग सीमा समाप्त कर वास्तविक वेतन के बराबर भुगतान किया जाए।
ग्रेच्युटी की राशि में बढ़ोत्तरी।
नए पेंशन स्कीम को समाप्त कर सभी को पेंशन।
सातवें वेतन आयोग का गठन।
12 घंटे की अनियमित ड्यूटी की समाप्ति की मांग।
फोटो: धरना देते लोग।