फोटो: रामलीला में सजा इंद्र का दरबार।
वाराणसी. शारदीय नवरात्रि से साथ ही काशी में जगह-जगह रामलीला का मंचन शुरू हो गया है। यहां के सेंट्रल जेल में होने वाली रामलीला काफी मशहूर है। राम, सीता, लक्ष्मण जैसे सभी पात्रों के रोल इसके सभी किरदारों को कैदी ही निभाते हैं। इससे देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु जुटते हैं। साथ ही पुलिस के अधिकारी भी मौजूद रहते हैं।
जानकारी के मुताबिक, सेंट्रल जेल में रामलीला का मंचन कई साल से लगातार हो रहा है। इसमें यहां के खतरनाक अपराधी ही राम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान, कामदेव, विष्णु, रावण, नारद बनते हैं, ताकि वे जुर्म का रास्ता छोड़कर भगवान राम के दिखाए मार्ग पर चलें। रामलीला शुरू होने से पहले जेल परिसर में ही रिहर्सल की जाती है। पुलिस के कई बड़े अधिकारी इसमें शामिल होते हैं।
कामदेव का किरदार निभाते हैं अवधेश
अवधेश पांडेय भदोही के रहने वाले हैं। वह पिछले 10 साल से अपहरण के आरोप में जेल में बंद हैं। रामलीला में वह कामदेव का किरदार निभाते हैं। उन्होंने बताया कि 10 साल पहले उन्होंने कुछ लोगों के साथ मिलकर गांव के ही एक बच्चे को अगवा किया था। पुलिस ने उसे पकड़ लिया। तब से वह जेल में बंद हैं। पत्नी और बच्चों ने उनका साथ छोड़ दिया है। उनके आगे-पीछे कोई नहीं है। ऐसे में वह जेल के कैदियों को ही अपना परिवार मानते हैं। नवरात्रि के शुरू होते है रामलीला की रिहर्सल करते हैं, ताकि अपने किरदार के साथ पूरा न्याय कर सकें।
हत्या की सजा काट रहे विजय बनते हैं इंद्र
कैदी विजय कर्ण सिंह गोंडा के रहने वाले हैं। उनपर हत्या का आरोप है। कोर्ट ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। रमलीला में वह इंद्र का किरदार निभाते हैं। उन्होंने बताया कि आपसी विवाद में उन्होंने अपने पड़ोसी की हत्या कर दी थी। इसके बाद उनका परिवार बिखर गया। जेल में उनका कोई हालचाल लेने भी नहीं आता। रामलीला में वह इंद्र की भूमिका अदा करते हैं। इस बहाने वह प्रायश्चित कर लेते हैं।
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