जन्मदिन विशेष: लोक संगीत गायिका मालिनी अवस्थी का 11 फरवरी को जन्मदिन है। इस अवसर पर dainikbhaskar.com उनसे हुई खास बातचीत आपके साथ शेयर कर रहा है।
वाराणसी. लोक संगीत गायिकी से देश-विदेश में प्रसिद्ध मालिनी अवस्थी का जन्म 11 फरवरी को कन्नौज जिले में एक डॉक्टर परिवार में हुआ था। उन्होंने अश्लील और फूहड़ होती लोक गायिकी (भोजपुरी) को मिठास और संस्कार में बदलकर बुलंदियों तक पहुंचाया। इस दौरान मालिनी ने इंग्लैंड, अमेरिका, मॉरिशस और फिजी के साथ-साथ पाकिस्तान जैसे देशों में भी लोक संगीत को पहुंचाया।
मालिनी अवस्थी ने बताया कि उनके पिताजी डॉक्टर थे। कन्नौज में जन्म के बाद उनका पूरा परिवार गोरखपुर चला गया। यहीं पर उन्होंने इंटर तक की पढ़ाई पूरी की। इस दौरान उनके पिताजी का कई जगह ट्रांसफर होता रहा। इसी बीच मालिनी ने अपने गुरु उस्ताद राहत अली साहब से संगीत सीखा।
मां की ख्वाहिश को पूरा किया
मालिनी बताती हैं कि उनकी मां की ख्वाहिश थी कि बेटी क्लासिकल संगीत सीखे और इसे जन-जन तक पहुंचाए। इसके लिए उन्होंने गिरजा देवी से ठुमरी सीखा। वह धीरे-धीरे संगीत में परिपक्व होने लगीं। इसी दौरान लोक संगीत पर भोजपुरी की अश्लीलता हावी होने लगी। यह बड़ा चैलेंज था, जिसे उन्होंने स्वीकार किया और भोजपुरी की मिठास को पुरी दुनिया में पहुंचाया।
भोजपुरी से लोगों को आती है शर्म
मालिनी अवस्थी ने बताया कि 1988 में उनकी शादी हो गई थी। इसके बाद एक हाईप्रोफाइल समाज उनके सामने था। ऐसे में उनके पति अवनीश कुमार अवस्थी ने आईएएस होने के बाद भी कभी उनके भोजपुरी बोलने पर रोक नहीं लगाई। वे बताती हैं, \'पति ने बहुत सपोर्ट किया। इसकी वजह से मैंने विलुप्त लोक संगीत को भारत के कोने-कोने तक पहुंचाया। जिस जिले में पति डीएम बनकर जाते हैं मैं भोजपुरी लोक संगीत, ठुमरी, चैती और दादरा को वहां मजबूती से प्रस्तुत करती हूं।\'
आगे पढ़िए मालिनी ने कहा- पति और बच्चों ने बहुत सपोर्ट किया...