नहीं है दोनों हाथ, जिद से क्रेक किया IIT, PHOTOS में देखें कैसे जीती है Life / नहीं है दोनों हाथ, जिद से क्रेक किया IIT, PHOTOS में देखें कैसे जीती है Life

यूपी के वाराणसी जिले में रहने वाली रानी मुंबई IIT से गेट क्‍वालीफाई कर एमटेक कर रही हैं।

Dec 02, 2016, 08:30 AM IST
वाराणसी. बचपन में सिंचाई करते समय कट गए दोनों हाथ, फिर भी जीने की हिम्‍मत नहीं हारी। कुछ ऐसी ही कहानी है यूपी के वाराणसी जिले में रहने वाली रानी का। रानी मुंबई IIT से गेट क्‍वालीफाई कर एमटेक कर रही हैं। वो नरेंद्र मोदी से एक बार मिलकर कुछ सवाल करना चाहती हैं।
पानी लेने गई थी, मशीन में फंस गए दोनों हाथ, काटना ही था आखिरी रास्‍ता

- वाराणसी के दल्‍लीपुर की रहने वाली रानी कहती हैं, मैंने मौत से बदतर जिंदगी से लड़ना सीखा है।
- साल 2001 में मैं पम्पिंग सेट पर पानी लेने गई थी।
- पानी भरते समय मैं फिसल गई और दोनों दोनों हाथ मशीन के पट्टे में बुरी तरह फंसकर राउंड हो गए।
- BHU के एक्सपर्ट डॉक्टरों ने काफी कोशिश की। विदेश से विशेषज्ञ को बुलाया गया।
- डॉक्टरों ने उस समय पिता से कहा था कि हाथ की नस-हड्डियां बुरी तरह टूट चुकी हैं। हाथ को काटना आखिरी रास्‍ता था।
- इसके बाद पिताजी मुंबई, पुणे, जयपुर तक गए। आखिरकार मेरे दोनों हाथों को काटना पड़ा।
रानी ने कहा- मैं पीएम नरेंद्र मोदी से मिलकर पूछूंगी कुछ सवाल


- रानी ने कहा- मैंने (Graduate Aptitude Test in Engineering) क्‍वालीफाई किया है।
- पीएसयू PSU (पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग) में जॉब के लिए 6 बार से ज्‍यादा रिटेन क्‍वालीफाई कर चुकी हूं।
- मैंने एनटीपीसी, आईओसीएल, एनपीसीआईएल और ओएनजीसी समेत कई स्थानों पर रिटेन क्‍वालीफाई किया।
- सभी जगहों पर इंटरव्यू के लिए शार्ट लिस्ट में आई। दिल्ली, मुम्बई, उड़ीसा समेत कई स्थानों पर इंटरव्यू के लिए भी गई।
- हर जगह यही जबाब मिला कि आप एलिजबल नहीं हैं।
- पीएम नरेंद्र मोदी से मेरा सवाल है कि जब मैं पैरों से पढ़कर मुम्बई आईआईटी से एमटेक कर सकती हूं, तो जॉब क्यों नहीं कर सकती।
- पीएम नरेंद्र मोदी क्या ऐसे लोगो के संघर्ष को जगह देंगे।
- मेरी हिम्मत और परिवार के लोगों ने गरीबी से लड़ कर मुझे पढ़ाया। अब क्या मेरी पढ़ाई बेकार जाएगी।
- पैरों से पढ़कर, इंजीनियरिंग कर ठोकर खा रही हूं। ऐसे में देश में दूसरे दिव्यांगों का क्या हो रहा होगा। क्‍या हम लोगों के लिए समाज में कोई जगह नहीं।


हाथ कटने के बाद मां ने पैरों में थमा दिया कलम


- रानी कहती हैं, दोनों हाथ कटने के बाद पहली बार मां ने पैरों में कलम को थमाया और कहा- आज से यही तुम्हारा साथी है।
- लेकिन 2007 में हाई स्कूल की बोर्ड परीक्षा के ठीक पहले मां का देहांत हो गया।
- बड़ी बहन रेखा ने मेरी मदद की और मैंने हाई स्कूल 61 % और इंटर 63 % से पास किया।
- 2014 में बीटेक करने गाजियाबाद चली गई।
- 2015 में गेट क्‍वालीफाई कर मुंबई IIT का इंट्रेंस दिया और मैरिट लिस्ट में मेरा नाम आ गया।
- वहीं, बहन रेखा कहती हैं, रानी पैर से ही वाह्टसएप, फेसबुक, टवीटर सब पैरों से ही चलाती है।
- IIT की पढ़ाई में लैपटॉप महत्पूर्ण होता है। वह लैपटॉप और फोन पैर से ही ऑपरेट कर लेती है।
- पैर से चम्मच के सहारे बड़ी आसानी से खाना खा लेती है। उसे किसी सहारे की जरुरत नहीं पड़ती।
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