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बेटी मुनमुन और नवासी रिया सेन काशी में की सुचित्रा सेन की अस्थियां विसर्जित

7 वर्ष पहले
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वाराणसी. बांग्ला और हिंदी सिनेमा की सशक्त कलाकार रही सुचित्रा सेन की अस्थि कलश को कल धार्मिक नगरी काशी में गंगा में विसर्जित किया गया। अस्थि कलश लेकर आई उनकी बेटी अभिनेत्री मुनमुन सेन और नवासी रिया सेन ने वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर पुरे रीति रिवाज से अस्थि कलश को गंगा में विसर्जित कर उनकी आत्मा की शांति के प्रार्थना की।
इस दौरान मुनमुन सेन समेत नवासी रिया सेन की आंखे नम थी। 83 वर्षीय अदाकारा सुचित्रा सेन का 17 जनवरी को कोलकाता में इलाज के दौरान निधन हो गया था। सूत्रों के मुताबिक बताया जा रहा है कि फ़िल्म स्टार सुचित्रा सेन की अंतिम इच्छा थी कि उनकी अस्थियों को काशी में ही विसर्जित किया जाए।
मीडिया से बचती रही मां बेटी
सुपर स्टार रही सुचित्रा सेन के जीवन से कई रहस्य जुड़े थे। इनकी वजह से उनकी बेटी और नवासी कभी मीडिया के सामने नहीं आते। सुचित्रा सेन ने अपने फ़िल्मी करियर में तमाम यादगार फिल्में की थी, जिसमें प्रमुख रूप से देवदास, आंधी, ममता के किरदार ने तो उनकी पहचान को बुलंदियों तक पहुंचा दिया।
सुचित्रा सेन को 1972 में भारत सरकार द्वारा पद्मश्री सम्मान से भी नवाजा गया। हालांकि उन्होंने पिछले 35 सालों से फिल्मों से दूरी बना ली थी, लेकिन उनकी बेटी मुनमुन सेन और नवसियां रिया और राइमा सेन परंपरा को आगे बढ़ा रही हैं।
मंगलवार को ही गुपचुप तरीके से करना था अस्थि विसर्जन
सूत्रों के मुताबिक बताया जा रहा है कि मुनमुन सेन और रिया सेन की फ्लाइट देर हो गई थी, इसलिए कल नौ बजे के बाद अस्सी घाट से बजड़े पर बैठकर मां बेटी मणिकर्णिका घाट पहुंची। बीच गंगा में पहुंचकर मुनमुन सेन ने अपनी मां की अस्थियों को गंगा में प्रवाहित कर दिया।
आगे देखें कैसे हुआ सुचित्रा सेन की अस्थियों का विसर्जन...