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महामना एक्सप्रेस के स्लीपर कोच से चोरी हो गईं टोटियां-टॉयलेट किट, केस दर्ज

6 वर्ष पहले
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वाराणसी. नरेंद्र मोदी ने 22 जनवरी को देश की सबसे मॉडर्न ट्रेन का फ्लैग ऑफ किया था। शनिवार को जब यह ट्रेन वाराणसी पहुंची तो पुलिस ने इसके हर कम्पार्टमेंट की बारीकी से तलाशी ली। गायब एसेसरीज की लिस्ट बनाई। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया था कि इस ट्रेन से एसेसरीज चोरी हो रही है।
शनिवार सुबह क्या हुआ....
- महामना एक्सप्रेस दिल्ली से कैंट स्टेशन पहुंची। आरपीएफ टीम ट्रेन में चल रही थी।
- स्टेशन पर पहुंचते ही जीआरपी-आरपीएफ के जवानों ने हर कम्पार्टमेंट को चेक करना शुरू कर दिया।
- वॉश बेसिन, बर्थ, बॉटल स्टैंड और टॉयलेट किट्स समेत सभी एसेसरीज की कंप्लीट लिस्ट बनाई गई।
लेकिन सिक्युरिटी स्टाफ चुप
- ट्रेन में एसेसरीज की चोरी पर पूछे गए सवालों को जीआरपी और आरपीएफ के अफसरों ने टाल दिया।
- ट्रेन के सिक्युरिटी स्टाफ ने चोरी की खबरों से इनकार कर दिया।
- हालांकि, एक पैसेंजर ने बताया कि जो एसेसरीज चोरी हुईं, उनको बदल दिया गया है।

कैसे मिली थी चोरी की जानकारी और रेलवे ने क्या कहा?
- गुरुवार को ये ट्रेन दूसरी बार दिल्ली से वाराणसी आई। सफाई के लिए ट्रेन को यार्ड लाया गया। कई टोंटियां और टॉयलेट किट गायब मिले।
- शक हुआ है कि कुछ पैसेंजर्स ही एसेसरीज को निकाल रहे हैं।
- शुक्रवार रात चीफ रीजनल मैनेजर आरपी चतुर्वेदी ने बताया, "इस बारे में (चोरी) कोई जानकरी हासिल नहीं हुई है।"
कब-कब चलती है ये ट्रेन?

- महामना एक्सप्रेस वाराणसी से हर मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को चलती है।
- वाराणसी से ये ट्रेन शाम 6 बजकर 35 मिनट पर रवाना होती है।
- लखनऊ के चारबाग स्टेशन पर रात 11:50 पर आकर 11:58 पर पहुंचती है।
- ये ट्रेन दूसरे दिन सुबह 8 बजकर 25 मिनट पर नई दिल्ली पहुंचाती है।
- नई दिल्ली से महामना एक्सप्रेस हर सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को चलती है।
क्यों खास है महामना एक्सप्रेस?

- महामना एक्सप्रेस की सभी बोगियां फायर प्रूफ हैं।
- बाहर आग अगर लगी भी, तो अंदर तक ये नहीं पहुंचेगी।
- पैसेंजर्स की सुविधा के लिए जर्कलेस बर्थ बनाए गए हैं।
- ट्रेन में एलईडी लाइटिंग सिस्टम लगाए गए हैं।
- पैसेंजर्स के लिए बायो टॉयलेट और एक्जॉस्ट फैन भी होंगे।
- हर बर्थ पर मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग प्वॉइंट भी दिए गए हैं।
- बुजुर्ग लोगों के लिए बोगियों में घर जैसी सीढ़ियां बनाई गई हैं।
- ट्रेन लेट होने की जानकारी भी इस पर आसानी से मिल जाएगी।
- हर कोच में कैलेंडर लगा है।
- गेट की सीढ़ी पर सेंसर लाइट लगाई गई है, ताकि रात में पैसेंजर को ट्रेन में चढ़ने-उतरने में दिक्कत न हो।
- केबिन में फायर सिस्टम (सिलेंडर) लगे हैं।
- हर सीट पर आसानी से खुलने वाला स्नैक्स टेबल भी दिया गया है।
मॉडर्न पेंट्रीकार

- पहली बार मॉर्डन पेंट्रीकार में इलेक्ट्रॉनिक चिमनी (एक्जॉस्ट) लगाई गई है।
- पेंट्रीकार, लोको पायलट और गार्ड के पास इमरजेंसी के लिए एनाउंसमेंट टूल्स लगे हैं।
- पानी के लिए आरो (RO) सिस्टम लगाया गया है।
- कर्मचारियों के आराम करने के लिए कंफर्ट केबिन बनाया गया है।
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