मऊ/वाराणसी. मऊ जिले के भीमराव स्टेडियम में नगरपालिका गोल्ड कप ऑल इंडिया टूर्नामेंट का आयोजन किया गया था। शुक्रवार को उसका समापन कार्यक्रम था।
कोलकाता और मुंबई के बीच आखिरी मैच चल रहा था। उसमें दर्शकों की भीड़ करीब 80 हजार हो गई थी। अचानक अफरातफरी मची जिसे काबू करने के लिए पुलिस ने कई दर्शकों को पीट दिया। यहां तक कि लात-घूंसों से भी पिटाई कर दी। इसके बाद भीड़ उग्र हो गई और कुर्सियां तोड़ दी।
वहां मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे घोसी के विधायक सुधाकर सिंह और जिला अधिकारी चंद्रकांत पाण्डेय के ऊपर भी जमकर कुर्सियां फेंकी गईं। पुलिस के सामने ही यह सब कुछ होता रहा, लेकिन वह मूकदर्शक बनी रही। पुलिस के सामने ही मंच को तहस-नहस कर दिया गया। मामले की गंभीरता समझते हुए जिलाधिकारी मौके से भाग निकले।
फील्ड में रखे शिल्ड को भी लूट लिया गया। बाहर से आए खिलाड़ी किसी तरह जान बचाकर भागे। कई घंटों तक पूरा मैदान रणक्षेत्र मैदान बना रहा। इसके आयोजनकर्ताओं में शामिल पूर्व नगरपालिका चेयरमैन ने इस मामले में जिला प्रशासन को दोषी ठहराया है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की लापरवाही से ही यह हादसा हुआ।
हंगामे के बाद अफरातफरी की फाइल फोटो।