अलीगढ़. अलीगढ़ विकास प्राधिकरण के वीसी श्रीराम का बुधवार की शाम शासन ने ट्रांसफर कर दिया। ट्रांसफर के बाद उन्हें प्रतीक्षा सूची में डाल दिया गया है। शासन से उनके तबादले का फरमान जैसे ही आया श्रीराम अपने ऑफिस जा पहुंचे और ऑफिशियल काम निपटाने लगे। बताया जा रहा है कि वह बैकडेट में नक्शा पास कर रहे हैं। वहीं, मीडिया के पहुंचने पर वे ऑफिस से उठ गए।
दरअसल, श्रीराम को अलीगढ़ विकास प्राधिकरण से हटाने के लिए सपा की एक लॉबी सक्रिय थी, जो लखनऊ में लगातार इनका विरोध कर रही थी। वहीं, ट्रांसफर के पीछे समाजवादी पार्टी के एक विधायक की सिफारिश को माना जा रहा है।
बताते चलें कि 23 जून को अलीगढ़ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पद का कार्यभार संभालने वाले श्रीराम सीनियर पीसीएस अधिकारी हैं। अलीगढ़ से पहले वह आगरा, मथुरा, हापुड़ समित कई जगह अपनी सवाएं दे चुके हैं। जानकारी के मुताबिक, श्रीराम का अगले साल ही रिटायरमेंट होने वाला है। अलीगढ़ में कार्यभार संभालते ही श्रीराम ने सख्त रुख अपनाया था। कई अवैध कॉलोनियों और अपार्टमेंट पर करवाई की थी। तभी से वे बिल्डरों की हिट लिस्ट में शामिल हो गए थे। उन्होंने अवैध निर्माणों की पुरानी फाइल निकलवा रखी थी और नक्शो की हजारों फाइल को रोक रखा था।
जैसे ही शासन से उनके ट्रांसफर का फरमान आया था, वैसे ही श्रीराम ने अपने ऑफिस पहुंचकर लंबित फाइल को बैक डेट में निपटाने शुरू कर दिए। चर्चा तो यहां तक है कि बैक डेट में भवनों के नक़्शे पास करने की एवज में श्रीराम को भवन स्वामियों ने मोटा दाम दिए हैं।
फोटो: अलीगढ़ विकास प्राधिकरण के वीसी श्रीराम ट्रांसफर के बाद भी ऑफिस में बैठे।