मेरठ/बुलंदशहर. उत्तर प्रदेश में बुलंदशहर जिले की खुर्जा तहसील के सैंडा फरीदपुर गांव में अब भी खौफ और सन्नाटा पसरा है। लोग अपने घरों में कैद हैं। कुछ लोग हिंसा और पुलिस के डर के चलते पलायन भी कर चुके हैं। गांव की गलियों में पुलिस और पीएसी के जवान गश्त कर रहे हैं। एसएसपी, सीओ और एसडीएम सहित सभी आलाधिकारी रह रह कर इलाके का दौरा कर रहे हैं।
मंगलवार को गांव में एक नाबालिग दलित (जाटव) लड़की से
रेप की कोशिश के बाद दो पक्षों में संघर्ष हो गया, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई।। खबरों के अनुसार ठाकुर जाति के कुछ युवकों ने इस लड़की से रेप करने की कोशिश की। यह लड़की किसी तरह वहां से बचकर निकल गई और अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी। इससे नाराज होकर लड़की के परिजनों ने उन युवकों की पिटाई कर दी। बाद में पूरे गांव में लड़की के रेप की अफवाह फैल गई। इसके बाद दलितों और ठाकुरों में संघर्ष हो गया। करीब एक घंटे तक चले इस संघर्ष में दो ठाकुरों और एक दलित की मौत हो गई और छह लोग घायल हो गए।
बुलंदशहर के डीएम जीएस प्रियदर्शी ने दैनिकभास्कर.कॉम को टेलीफोन पर बताया कि हिंसा में मारे गए लोगों का अंतिम संस्कार शांतिपूर्वक संपन्न हो गया। उन्होंने बताया कि इलाके की पीस कमेटियों के साथ लगातार बैठकें चल रहीं हैं। पुलिस इस विवाद को खत्म करने के लिए दोनों समुदायों के वरिष्ठ नागरिकों के साथ बैठकर विवाद का कारण जानने की कोशिश कर भाईचारा कायम करने की नीति पर काम कर रही है।
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(फोटो: संघर्ष में मारे गए युवक की लाश ले जाती पुलिस)