फोटो: इसी आम के पेड़ से लटके मिले थे दोनों बहनों के शव।
बदायूं. बदायूं कांड में सीबीआई की टीम ने गुरुवार को कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दिया। टीम के प्रवक्ता ने बताया कि क्लोजर रिपोर्ट पॉस्को कोर्ट के एडीजे (आठ) अनिल कुमार के समक्ष पेश कर दी गई है। कोर्ट ने पीड़ित पक्ष की आपत्ति की सुनवाई के लिए 6 जनवरी की तारीख तय की है। बताया जा रहा है, रिपोर्ट में सीबीआई ने दलील दी है कि दोनों बहनों ने आत्महत्या की है। उनके साथ रेप नहीं हुआ। दोनों बहनों में से बड़ी बहन का पप्पू के साथ नाजायज संबंध उनकी आत्महत्या का कारण बना। इस पूरे मामले को गैंगरेप और मर्डर के रूप में प्रदर्शित किया गया था। लड़कियों के घरवालों ने ही यह साजिश रची थी। गांव के दो लड़कों के साथ उनकी दोस्ती थी। प्रेम संबंधों की बात भी सामने आ रही है। वे शादी करना चाहते थे।
वहीं, सीएम अखिलेश भी इस मामले पर उन्नाव में विरोधी पार्टियों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियां उनकी सरकार के कामों की आलोचना करती है। उनकी सरकार के बारे में झूठा प्रचार किया जाता है। बदायूं कांड को लेकर सरकार की कितनी बुराई की गई। मीडिया ने गलत छवि पेश की। आज सच सभी के सामने है। बावजूद इसके विरोधी पार्टियों ने अभी तक उनसे माफी नहीं मांगी है। यही नहीं, विरोधियों ने '
लव जिहाद' और 'ताजमहल' के मुद्दे पर भी आलोचना की। गलत चीजें प्रचारित की, लेकिन समाजवादियों ने हमेशा सही का साथ दिया।
क्या था मामला
बीते 27 मई की रात बदायूं के कटरा सआदतगंज गांव में 14 और 15 साल की दो चचेरी बहनों के शव आम के पेड़ से लटके मिले थे। 26 मई की शाम करीब सात बजे दोनों बहनें घर से खेतों की ओर निकली थीं। घर वापस नहीं आने पर घरवालों ने रात 11 बजे पुलिस चौकी पहुंचकर घटना की जानकारी दी। इसके बाद रात तीन बजे पुलिसवालों ने उन्हें बताया कि उनकी बेटियों के शव बाग में फंदे पर लटक रहे थे। इसके बाद रेप के बाद उनकी हत्या की बात कही गई थी। घरवालों की मांग पर राज्य सरकार ने पूरे मामले की सीबीआई जांच के आदेश दे दिए थे।
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