तस्वीर में: सुबेहा थाना, इनसेट में मृतक बसपा नेता रमेश रावत।
बाराबंकी. सुबेहा थानाक्षेत्र के शफीपुर मजरे शरीफाबाद गांव में बुधवार की देर रात बसपा नेता रमेश रावत की गोली मारकर हत्या कर दी गई। रमेश के सिर और पैर में गोली मारी गई थी। घटना का कारण भूमि विवाद बताया जाता है। वहीं, परिजनों ने
हैदरगढ़ से सपा विधायक राम मगन रावत पर हत्यारोपियों को सरंक्षण देने का आरोप लगाया है।
बताते चलें कि बाराबंकी के थाना सुबेहा के शफीपुर गांव में बसपा नेता रमेश रावत (40) और शारदा रावत के बीच जमीनी विवाद चल रहा है। इस बीच विवादित जमीन पर शारदा रावत द्वारा नींव खुदवाने की सूचना उसके घर से फोन द्वारा मिली। इस मामले को लेकर रमेश अपने साथी के साथ पुलिस थाने गया और काम रुकवाने की बात कही। रमेश की सूचना पर पुलिस ने काम रुकवा कर दोनों पक्षों को दूसरे दिन थाने आने के लिए कहा।
घर वापस लौटते वक्त किया हमला
रमेश के साथी और प्रत्यक्षदर्शी राम नरेश तिवारी ने बताया कि पुलिस द्वारा काम को रोक दिए जाने के बाद रमेश जब थाने से अपने घर उनके साथ मोटरसाईकिल से वापस आ रहा था तो गांव के बाहर पहले से घात लगाए बैठे शारदा और उसके साथियों ने रमेश पर हमला बोल दिया। रमेश के भागने पर इन लोगों ने उस पर फायर झोंक दिया। गोली लगने से रमेश गिर गया और फिर हमलावरों ने उसे लाठी डंडों से पीट-पीट कर उसकी हत्या कर दी।
सपा विधायक पर साजिश रचने का आरोप
बसपा के जिलाध्यक्ष सुरेश गौतम ने बताया कि विधानसभा चुनाव के समय हैदरगढ़ से सपा विधायक राम मगन रावत रमेश को अपने पक्ष में करने के लिए दबाव डाल रहे थे, लेकिन रमेश ने विधायक की बात नहीं मानी। इस वजह से विधायक राम मगन रावत रमेश पर टेढ़ी नजर रखते थे। साथ ही रमेश के विरोधी शारदा रावत पर विधायक खासा मेहरबान रहते थे।
आगे पढ़िए बसपा जिलाध्यक्ष ने कहा- सपा विधायक हत्यारोपियों को दे रहे संरक्षण...