तस्वीर में: ज्वैलरी शोरूम की सीसीटीवी कैमरे में कैद बदमाश।
- हल्द्वानी जेल में बंद बदमाश था ज्वैलर्स के यहां हुई लूट में शामिल
- पेशी पर उत्तराखंड पुलिस लेकर आई थी बदमाश को
मेरठ/बुलंदशहर. चार दिन पहले ही बुलंदशहर के एलएम ज्वैलर्स के यहां हुई दो करोड़ रुपए से अधिक की लूट में उत्तराखंड पुलिस की मिलीभगत सामने आ रही है। आरोप है कि इस लूट की घटना में शामिल बदमाशों के जो फुटेज पुलिस को मिले हैं उनमें से एक बदमाश सतीश हल्द्वानी जेल में बंद बताया गया है। सतीश घटना वाले दिन पेशी पर अलीगढ़ आया था। अलीगढ़ से वह अपने साथियों के साथ लूट में शामिल हुआ और वापस हल्द्वानी जाकर जेल में बंद हो गया।
प्रथम दृष्टया उत्तराखंड पुलिस की मिलीभगत सामने आने पर वहां के तीन सिपाही संजय, दीपक बिष्ट और पंकज कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है। इन सिपाहियों की ड्यूटी लगाने वाले हेड कांस्टेबल गिरीश को भी निलंबित किया गया है। सिपाहियों को सस्पेंड किए जाने की पुष्टि उत्तराखंड के एडीजी कानून व्यवस्था रामसिंह मीणा ने की है।
बताते चलें कि ज्वैलर्स के शोरूम में बीते गुरुवार की शाम छह बदमाश घुस आए थे। बदमाशों ने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी। उन्होंने कुल दो करोड़ रुपए के जेवरात लूट लुए थे। इनमें से तीन बदमाशों ने हैलमेट लगा रखी थी, जबकि अन्य बदमाशों ने कपड़े से अपने मुंह ढक रखे थे। लूट के दौरान कई बदमाशों के चेहरे से कपड़े हट गए और वे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए।
फुटेज के आधार पर पुलिस ने बदमाशों की शिनाख्त अलीगढ़ के गैंग के सरगना इंद्रपाल ताऊ के रूप में की। उसका मौसेरा भाई सतीश जो बुलंदशहर के थाना सलेमपुर क्षेत्र का रहने वाला है, उस पर अलीगढ़ में तीन लूट की वारदातों के मुकदमे दर्ज हैं। इस समय वह उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर में लूट के आरोप में हल्द्वानी जेल में बंद है। बताया कि 9 और 11 सितम्बर को लूट के मामले में अलीगढ़ कोर्ट में पेशी थी। इसी दौरान गिरोह का सरगना इंद्रपाल ताऊ ने अपने मौसेरे भाई सतीश से अलीगढ़ में मुलाकात कर एलएम ज्वैलर्स के शोरूम पर डकैती डालने की योजना बनाई। पेशी से 11 सितंबर को वापस लौटते समय सतीश ने इंद्रपाल के साथ मिलकर लूट की घटना को अंजाम दिया।
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