आईजी आलोक शर्मा ने बताया कि डकैती के मास्टरमांइड सतीश ने हल्द्वानी जेल से अलीगढ़ पेशी पर आने के दौरान बुलंदशहर के एलएम ज्वैलर्स के शोरूम में डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। उसे उधमसिंह नगर में तैनात दो सिपाही पंकज कुमार और दीपक बिष्ट लेकर आए थे। सतीश की 9 और 11 सितंबर को पेशी थी।
दोनों सिपाही अलीगढ़ होटल में रुके और सतीश ने अपने साथियों के साथ ज्वैलर्स के शोरूम पर डाका डाला। इस मामले में दोनों सिपाहियों को बुलंदशहर पुलिस ने आईपीसी की धारा 120 बी, डकैती का षड़यंत्र रचने का आरोपी माना है।
बताते चलें कि 11 सितंबर की शाम आधा दर्जन से ज्यादा सशस्त्र बदमाशों ने पुलिस की वर्दी में बुलंदशहर के एलएम ज्वैलर्स शोरूम में डकैती की घटना को अंजाम दिया था। इसमें दो करोड़ से अधिक का माल लूटने की बात समाने आई थी। शोरूम में लगे सीसीटीवी कैमरों में चेहरे कैद होने पर बदमाशों की शिनाख्त कर ली गई थी। इसके बाद से ही पुलिस उनकी गिरफ्तारी में लगी थी।
सतीश ने रची थी लूट की साजिश
आईजी ने बताया कि हल्द्वानी जेल में बंद सतीश उर्फ अनिल ने ज्वैलर्स को लूटने की साजिश रची थी। उसी के इशारे पर इंद्रपाल उर्फ ताऊ ज्वैलर्स की बड़ी दुकानों को चिन्हित करता था। ताऊ ने ही तीन बदमाशों के लिए पुलिस की वर्दी, हथियार और टाटा सफारी गाड़ी की व्यवस्था की थी।
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