झांसी. बुंदेलखंड को अलग राज्य बनाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। सोमवार को बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के सदस्यों ने झांसी समेत 13 जिलों के जिलाधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। यह अभियान 22 सप्ताह तक चलेगा। आंदोलन की तैयारी कर रहे संगठन की कोशिश है कि लोगों की मांगों को केंद्र सरकार तक पहुंचाया जा सके।
जानकारी के मुताबिक, लोकसभा चुनाव के बाद एक बार फिर बुंदेलखंड को अलग राज्य बनाए जाने की मांग तेज हो रही है। बीजेपी नेता और झांसी के ललितपुर से सांसद उमा भारती पहले ही इसकी मांग का आश्वासन चुनाव के पहले देती रहीं हैं, लेकिन बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा इसको लेकर अब सड़क से लेकर सदन तक आवाज उठाने जा रहा है।
बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानु सहाय ने बताया कि दशकों से चल रहे इस आंदोलन की आवाज केंद्र सरकार तक पहुंचाने के लिए ऐसा किया जा रहा है। इसके लिए झांसी ही नहीं पूरा बुंदेलखंड इस मुहिम में शामिल होगा। जिलाधिकारी को दिए जाने वाले ज्ञापन में बुंदेलखंड में मौजूद संसाधनों को बताने के साथ ही राज्य का बनाया जाना क्यों जरूरी है। इसके बारे में बताया गया है।
सोमवार को आंदोलन कर रहे लोगों ने यूपी झांसी, ललितपुर, महोबा, जालौन, हमीरपुर, चित्रकूट, बांदा और मध्य प्रदेश के पन्ना, सतना, छतरपुर, टीकमगढ़, सागर, दतिया में एक साथ जिलाधिकारियों को ज्ञापन सौंपे गए।
जिलाधिकारी को ज्ञापन देने के लिए पहुंचे बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के सदस्य (तस्वीर में)