बहराइच/गोंडा. एनआरएचएम मामले में दोषी पयागपुर के कांग्रेस विधायक मुकेश श्रीवास्तव पर सीबीआई का शिकंजा कसता जा रहा है। बुधवार को सीबीआई और दिल्ली एसटीएफ की पांच सदस्यीय टीम ने उनके घर पर छापा मारा। उनके नहीं मिलने पर उनके घर सहित पयागपुर के चौराहों और थाने पर उनके फरार होने संबंधित नोटिस चस्पा कर दिया।
सीबीआई बुधवार को तीसरी बार उनके घर पहुंची थी, लेकिन इस बार भी उसे खाली हाथ लौटना पड़ा। बताते चलें कि मुकेश श्रीवास्तव और उनकी पत्नी के नाम दो ऐसी फर्में थी, जिन्होंने यूपी के आधा दर्जन से अधिक जिलों के चिकित्सालयों में स्वास्थ्य संबंधित करोड़ों रुपए की वस्तुएं सप्लाई की थी। इस संबध में सीबीआई ने तत्कालीन मुख्य चिकित्साधिकारी बहराइच जेएन मिश्रा और सीएमओ ऑफिस के दो क्लर्कों से भी इस संबध में पूछताछ की थी। उसमें मुकेश श्रीवास्तव द्वारा की गई सप्लाई में अनियमितता बरते जाने का मामला प्रकाश में आया था।
इसलिए सीबीआई ने मुकेश से पूछताछ के लिए धरपकड़ तेज कर दी है। उनके नहीं मिलने पर उनके साथ ही उनकी पत्नी को भगोड़ा घोषित कर दिया है। इस समय मुकेश श्रीवास्तव के पयागपुर स्थित आवास और बहराइच स्थित उनके मकान पर सन्नाटा छाया हुआ है। उनके भाई विपिन श्रीवास्तव और उनकी पत्नी का भी कोई अता-पता नहीं है।
सीबीआई के आरोपी मुकेश श्रीवास्तव की फाइल फोटो।