फाइल फोटो: आगरा में बजरंग दल द्वारा आयोजित धर्म परिवर्तन कार्यक्रम में शामिल लोग।
अलीगढ/लखनऊ. अलीगढ़ में 25 दिसंबर को धर्म जागरण समिति द्वारा घर वापसी के नाम पर धर्म परिवर्तन कार्यक्रम होगा या नहीं, इस पर संशय गहरा गया है। समिति जिस जगह आयोजन करना चाहती है, उसके लिए कॉलेज प्रशासन ने अनुमति देने से इनकार कर दिया है। अब गेंद अलीगढ़ जिला प्रशासन के पाले में है। दूसरी ओर, आगरा में धर्म परिवर्तन करने वाले मुस्लिम परिवारों ने जुम्मे की नमाज अता की है।
धर्म जागरण समिति का कार्यक्रम अलीगढ़ के मथुरा रोड स्थित महेश्वर इंटर कॉलेज के खेल मैदान में आयोजित होना था। कार्यक्रम के संयोजक बृजेश कंटक ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा था कि बीते 19 नवंबर को कॉलेज प्रबंधन को कार्यक्रम के विषय में बताते हुए चिट्ठी लिखी गई थी। जवाब में शुक्रवार को कॉलेज प्रशासन ने धर्मांतरण कार्यक्रम की अनुमति देने से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि यहां केवल हिंदू सम्मेलन हो सकता है। धर्म परिवर्तन के मामले में उन्हें प्रशासन से अनुमति लेनी पड़ेगी।
कॉलेज प्रबंधक गिर्राज किशोर गोदानी का कहना है, ''महेश्वर इंटर कॉलेज के खेल के मैदान में धर्म जागरण समिति सिर्फ हिंदू सम्मेलन और राष्ट्र रक्षा सम्मेलन ही कर सकेगी। इसके लिए भी उन्हें प्रशासन से अनुमति लेनी पड़ेगी। सुरक्षा का जिम्मा भी खुद उठाना होगा। हमने धर्म परिवर्तन की कोई अनुमति नहीं दी है। कॉलेज में धर्म परिवर्तन नहीं होगा।''
क्या करती है धर्म जागरण समिति
धर्म जागरण समिति ने तीन साल में ही ईसाई और मुस्लिम बने हजारों हिंदू की घर वापसी कराई है। उन्हें हवन-यज्ञ करा कर और जनेऊ पहनाकर गंगा जल से शुद्ध किया जाता रहा है। इसमें आर्य समाज का भी पूरा सहयोग रहता है। पिछले साल 25 दिसंबर को सभी जिलों में धर्मांतरण के अलग-अलग कार्यक्रम हुए थे। अलीगढ़ के सुरेंद्र नगर स्थित महाउरू पूर्व माध्यमिक विद्यालय में हुआ था। यहां 500 परिवारों ने हिंदू धर्म में वापसी की थी।
हजारों लोग अपना चुके हैं हिंदू धर्म
पिछले कुछ सालों में समिति के कार्यक्रम में विहिप, संघ और बीजेपी के तमाम नेता भी शामिल हुए थे। साल 2012 में आगरा और अलीगढ़ का संयुक्त कार्यक्रम हुआ था। यहां 1021 ईसाई परिवारों ने हिंदू धर्म कबूल किया था। इसमें अलीगढ़ के भी काफी लोग थे। इस साल धर्म जागरण समिति ने पूरे ब्रज प्रांत से 11,000 ईसाई और मुस्लिम परिवारों की घर वापसी का दावा किया था। इसी क्रम में साल 2011 में 25 दिसंबर को अलीगढ़ में बौनेर के पंचवटी फार्म में हुए कार्यक्रम में 715 परिवारों से जुड़े 2000 सदस्यों ने हिंदू धर्म को अपनाया था। इसमें 700 परिवार ईसाई थे और 15 मुस्लिम।
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