अलीगढ़/लखनऊ. यूपी के बदमाशों के हौंसले इस कदर बुलंद हैं कि उन्हें खाकी का भी खौफ नहीं रहा है। ताजा मामला अलीगढ़ जिले का है। यहां बीते बुधवार को बेखौफ बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर अपने साथी को पुलिस हिरासत से छुड़ा ले गए। साथ ही उनकी गोली से अस्पताल के गार्ड और चाकू के हमले से दो पुलिसवाले भी घायल हो गए। हालांकि, लोगों ने भाग रहे एक बदमाश को पकड़ लिया। घटना के बाद प्रशासन ने बंदी की सुरक्षा में तैनात तीनों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक, बंदी तारिक को 2008 में कोर्ट से दस साल की कैद की सजा हुई थी। उसे पाइल्स की बीमारी थी। इसलिए उसे जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए भर्ती किया गया था। डॉक्टरों ने उसके ऑपरेशन करने की बात कही थी। बीते बुधवार को वह टॉयलेट के बहाने बाथरूम गया। वहां उसके तीन साथी पहले से मौजूद थे। तारीक के साथ तीन पुलिसकर्मी बाथरुम तक गए।
मौके पर मौजूद साथियों ने तारिक को भगाने के लिए एक सिपाही को चाकू मारकर घायल कर दिया। अस्पताल के गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने भाग रहे बदमाशों को पकड़ने की कोशिश की। इस पर बदमाशों ने सुरक्षाकर्मी इमरान को गोली मार दी। गोली लगते ही वह घायल होकर जमीन पर गिर गया। इसका फायदा उठाकर बंदी अपने दो साथी के साथ भागने में कामयाब रहा।
हालांकि, इस दौरान तारिक को भगाने आए एक साथी बदमाश को लोगों ने पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। घटना में बंदी की सुरक्षा में तैनात दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। बताया जा रहा है कि जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के सुरक्षा गार्ड की हालत गंभीर है। उसके पेट में गोली लगी है। उसका मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन चल रहा है।
फोटो: अस्पताल में भर्ती गार्ड।