फोटो: डीएम ऑफिस पहुंचा पीड़ित दलित युवक।
झांसी. झांसी के खैरा गांव में दलित युवक को मल-मूत्र खिलाए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। मामला उजागर होने के बाद एससी/एसटी आयोग ने इसपर संज्ञान लिया। आरोपियों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा भी दर्ज किया गया, लेकिन अभी तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई। ऐसे में अपने साथ हुए दरिंदगी से पीड़ित काफी आहत है। सोमवार को उसने जिला प्रशासन से इच्छा-मृत्यु की मांग कर दी। इस संबंध में उसने डीएम को एक चिट्ठी भी लिखी है। वहीं, जिला प्रशासन ने ऐसे मामलों में इच्छा-मृत्यु दिए जाने के प्रावधान से ही इनकार किया है।
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को मामला सामने आने के बाद ही आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए थाने बुलाया भी था, लेकिन अभी तक उन्हें गिरफ्तार कर जेल नहीं भेजा गया। पुलिस के रवैये से परेशान पीड़ित युवक ने dainikbhaskar.com की टीम के साथ अपना दर्द बांटा। उसने बताया कि पेशाब पीने और मल खाने के बाद वह किस कदर आहत है। इसे बयां नहीं कर सकता। वह बेहद अपमानित महसूस कर रहा है। इसलिए अब जीना नहीं चाहता। उसके इलाज में लापरवाही बरती जा रही है। परिवार सहित उसे जान से मारने की धमकी भी मिल रही है। ऐसे में उसने सरकार से इच्छा-मृत्यु की मांग की है।
क्या कहते हैं डीएम
इस बाबत डीएम अनुराग यादव ने कहा कि ऐसे मामलों में इच्छा-मृत्यु का कोई प्रावधान नहीं है। मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद ही आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी गई थी। यदि उन्हें अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया, तो जल्द ही पुलिस यह कार्रवाई करेगी। उन्होंने बताया कि पीड़ित की इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती जा रही है। यदि उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी जा रही है, तो प्रशासन उन्हें सुरक्षा मुहैया कराएगा।
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