सहारनपुर/मेरठ. एक ओर जहां दिल्ली में आम आदमी पार्टी की जीत पर जमकर जश्न मनाया जा रहा है, वहीं फतवों के शहर देवबंद के उलेमा की 'आप' पर अलग राय है। उलेमाओं ने 'आप' की जीत को सांप्रदायिक ताकतों का संरक्षण करने वाले दलों के लिए एक सबक बताया है। उनका कहना है कि यह जीत देश के राजनीतिक इतिहास में नई इबारत लिखने का काम करेगी।
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने आम आदमी पार्टी की जीत को तारीखी जीत करार दिया है। उन्होंने आप पार्टी के अध्यक्ष अरविंद
केजरीवाल को मुबारकबाद दी है। दिल्ली में बीजेपी के हार का मुख्य कारण पार्टी के नेताओं द्वारा बेतुकी ब्यानबाजी बता ई। मदानी ने कहा कि ही ऐसी बयानबाजी देकर देश के भाईचारे को समाप्त करने की कोशिश की जाती है।
मौलाना मदनी ने कहा कि कोई भी देश एकजुटता से ही आगे बढ़ता है। नफरत से नहीं। धर्मांतरण के मामले पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि लोगों को घर वापसी की नहीं बल्कि रहने के लिए घर की जरुरत है। साथ ही उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान पूरी दुनिया में गंगा-जमुनी तहजीब और सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल है। इस सौहार्द को जो समाप्त करने की कोशिश करेगा। वह खुद ही समाप्त हो जाएगा। केजरीवाल टीम की प्रशंसा करते हुए मदनी ने कहा कि उनकी टीम दिल्ली की जनता की आशाओं पर खरी उतरेगी।
साथ ही उन्होंने केजरीवाल को नसीहत देते हुए कहा कि यदि आम आदमी पार्टी गंगा जमुनी तहजीब की पासबान बनेगी। तभी वह सियासत की इस जमीन पर जिंदा रहेगी। वरना उसका भी भविष्य में दूसरी पार्टियों की तरह हो जाएगा। दारुल उलूम वक्फ देवबंद के मोहतमिम मौलाना सुफियान कासमी ने कहा कि दिल्ली में आप की जीत सैक्युलरिज्म की जीत है। क्योंकि हिंदुस्तान में सांप्रदायिक की कोई जगह नहीं है।
आगे पढ़िए आरोप-प्रत्यारोप के कारण हारी बीजेपी...