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फतेहपुर: मेगा लोक अदालत में 639 केसों का नि‍पटारा

7 वर्ष पहले
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तस्‍वीर में: मेगा लोक अदालत के दौरान जि‍ला न्यायाधीश अली जामिन।
फतेहपुर. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में न्यायाधीश अली जामिन की अध्यक्षता में दीवानी न्यायालय परिसर में मेगा लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें दीवानी के 10, उत्तराधिकार 14, राजस्व 88, बैंक लोन के 71 और आपराधिक के 456 केसों को मिलाकर कुल 639 का नि‍पटारा किया गया। इसमें अपर जिला जज कोर्ट नंबर-दो वेदपाल सिंह ने चार वापसीजर प्रार्थना पत्रों का निस्तारण किया। विशेष न्यायाधीश ईवीएक्ट रमेश सिंह ने 24 फाइनल रि‍पोर्ट (एफआर), दो बि‍जली अधिनियम के मुकदमा और एक क्रिमिनल मिसलेनियर केस का नि‍पटारा कर 6,500 रुपए अर्थदंड के रूप में जमा कराए।
अपर जिला जज कोर्ट नंबर-तीन राम इच्छुक यादव ने दो वापसीजर प्रार्थना-पत्र और एक क्रिमिनल मिलेनियर केस का नि‍पटारा कर 500 रुपए अर्थदंड के रूप में जमा कराए गए। अपर जिला जज कोर्ट नंबर- सात पवन प्रताप सिंह ने तीन प्रकीर्णवाद सिविल केसों का निस्तारण किया। सिविल जज सीनियर डिवीजन/सचिव अमित मालवीय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने 14 उत्तराधिकार अधिनियम के केस का नि‍पटारा कर 41,49,518 रुपए के उत्तराधिकार प्रमाण पत्र बनाए जाने के लि‍ए आदेश पारित किया।
इसी प्रकार मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शिवकुमार द्वारा 344 केस निस्तारित कर 53,630 रुपए, अपर सीजेएम कोर्ट नबर-11 शैलेन्द्र वर्मा द्वारा नौ आपराधिक मुकदमे निस्तारित कर 3,800 रुपए, अपर सीजेएम कोर्ट नबर-12 द्वारा आठ आपराधिक केस का नि‍पटारा कर 2,200 रुपए, सिविल जज जूनियर डिवीजन खागा द्वारा 43 आपराधिक केस निस्तारित कर 25,435 रुपए अर्थदंड के रूप में जमा कराए गए।
न्यायिक मजिस्ट्रेट हिमांशु दयाल द्वारा 21 आपराधिक केस निस्तारित कर 2000 रुपए, सिविल जज जूनियर डिवीजन ब्रजेश कुमार सिंह द्वारा एक दीवानी मुकदमा का निस्तारण किया गया। इसके अतिरिक्त राजस्व विभाग द्वारा 88 राजस्व मुकदमों का निस्तारण किया गया और बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा प्रीलीटीगेशन के आधार पर बैंक लोन के 71 केसों में समझौता कर 15,35,000 रुपए ऋण के रूप में जमा कराए गए। वहीं, किशोर न्याय बोर्ड द्वारा बाल संवाद अदालत लगाकर तीन आपराधिक केसों का नि‍पटारा किया गया।
आगे पढ़ि‍ए बैंक लोन के केसों में 15,35,000 रुपए ऋण के रूप में जमा कराए गए…