बागपत/मेरठ. पानीपत से मेरठ की ओर जाते समय गैस से भरा टैंकर बीते बुधवार को देर रात डौला गांव में एचटी लाइन के खंभे से टकराकर पलट गया। तारों से निकली चिंगारी से टैंकर में आग लग गई। आग की चपेट में आसपास के मकान भी आ गए। इससे पहले की कोई कुछ समझता आग ने करीब पचास घरों को अपनी चपेट में ले लिया। गैस के टैंकर में आग लगने की जानकारी होते ही गांव में हड़कंप मच गया।
ग्रामीणों ने जंगल में भागकर जान बचाई। फायर ब्रिगेड कर्मियों ने काफी देर बाद मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। टैंकर में अभी गैस के रिसाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने पूरा गांव खाली करा दिया। ग्रामीण गांव से दूर खेतों में अपने पशुओं के साथ शरण लिए हुए हैं। बुधवार देर रात लगी आग पर गुरूवार दोपहर तक काबू पाया गया। देर शाम तक भी मौके पर दमकल कर्मी अपने अभियान में जुटे थे। सुरक्षा के मद्देनजर मेरठ बागपत हाइवे बंद कर दिया गया है।
बताते चलें, आग की चपेट में आने से कई मकान जलकर पूरी तरह से राख हो गए। ऐसे में करीब 50 से अधिक लोग झुलस गए। कई ग्रामीण घटना के बाद लापता बताए जा रहे हैं। आग की चपेट में आकर तीन दर्जन से अधिक ग्रामीण घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
लोगों ने आसपास के गांव और खेतों में ली शरण
डौला गांव के लोगों ने आसपास के गांव और खेतों में शरण ली हुई है। आग पर काबू पाने में दमकम कर्मियों को 18 घंटे से भी अधिक समय लगा। ग्रामीण अपने पशुओं को भी अपने साथ जंगल में ले गए हैं। टैंकर में अभी गैस भरी होने से उसके फटने की संभावना से इंकार नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों ने पूरी रात जागकर गुजारी। गांव खाली करने से जहां ग्रामीणों के सामने खाने की समस्या आ गई है वहीं पशुओं के लिए चारा भी नहीं मिल रहा है। ग्रामीण अभी दहशत में है।
फोटो: आग लगने के बाद धू-धू कर जलता टैंकर।