तस्वीर में: अमीक द्वारा बनाए गए कार्टून में कोली को कुछ इस तरह फांसी पर लटका दिया गया।
झांसी. निठारी कांड के नरपिशाच बने सुरेंद्र कोली की फांसी पर हाईकोर्ट ने भले ही 29 अक्टूबर तक रोक लगा दी हो। कोली की मां अपने बेटे को इन सबके लिए निर्दोष मानती है। लेकिन बच्चों में कोली के लिए कोई दयाभाव नहीं है। वह उसे फांसी के फंदे पर लटकता देखना चाहते हैं। देश के पहले क्ले मॉडलर 15 साल के अमीक खान के मन में भी सुरेंद्र कोली की हैवानियत पर गुस्सा भरा है। इसलिए उसने कोली को फांसी दिए जाने का संदेश कार्टून के जरिए दिया है। अमीक ने कोली को फांसी पर भी लटका दिया।
मेरठ की जेल में सुरेंद्र कोली को फांसी दी जानी है। इसके लिए प्रशासन से लेकर पवन जल्लाद तक ने सारी तैयारियां कर ली थीं, लेकिन हाईकोर्ट ने 29 सितंबर तक इस पर रोक लगा दी। लेकिन बच्चों के लिए निठारी में हैवानियत दिखाने वाले कोली को बच्चे भी ऐसी ही सजा चाहते हैं। लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज 15 साल के अमीक ने क्ले मिट्टी से कार्टून तैयार किया है।
प्लेटफॉर्म तैयार किया और लगा दी फांसी
अमीक ने फांसी देने के लिए एक प्लेटफॉर्म तैयार किया। मिट्टी से बनाए गए फांसी घर में कोली को खड़ा किया गया है। उसके चेहरों को काले कपड़े से ढका गया है। मिट्टी से बनी हुई रस्सी उसके गले में डाल दी। पास में ही जल्लाद को भी बनाया गया है। अमीक का कहना है कि सुरेंद्र कोली ने अमानवीय अपराध किया था। इसलिए उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। इसीलिए उन्होंने कोली को फांसी दिए जाने का कार्टून तैयार किया है।
1500 से भी ज्यादा बनाए हैं कार्टून
बताते चलें कि नौंवी के छात्र अमीक खान देश के पहले क्ले मॉडलर हैं। लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नौ साल की उम्र में ही रिकॉर्ड दर्ज कराने वाले अमीक समय-समय पर महत्वपूर्ण मुद्दों पर कार्टून भी बनाते हैं। कई बार अपनी कला को टीवी शो पर भी प्रदर्शित कर चुके हैं। उन्होंने अब तक 15 सौ से अधिक कार्टून बनाए हैं।
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