झांसी. 57वें अंतरराष्ट्रीय मूक-बधिर दिवस के मौके पर रविवार को झांसी के मूक-बधिरों ने रैली निकाली। इस दौरान हुए कार्यक्रम में उन्होंने सांकेतिक भाषा के जरिए अपनी समस्याएं रखीं। मूक-बधिरों ने जिले में अपने लिए एक स्कूल खोले जाने की मांग की। उनका मांग थी कि जिला प्रशासन इस मुद्दे पर जल्द से जल्द कोई फैसला करे।
कार्यक्रम के दौरान मूक-बधिरों के एक प्रतिनिधि ने कहा सरकार ने नौकरियों में विकलांगों को तीन फीसदी आरक्षण देने का वादा किया था। बावजूद इसके अभी तक सरकारी कार्यालयों में विकलांगों के कोटे को पूरा नहीं किया गया। उनकी मांग है कि मूक-बधिरों को मिलने वाली पेंशन की राशि बढ़ाई जाए। इसे 300 रुपए से 1000 रुपए प्रतिमाह किया जाए।
मूक-बधिर एसोसिएशन के सचिव सीपी चौबे ने बताया कि वे लोग बोलने-सुनने में असमर्थ हैं। पुलिस और डाकखाने के कर्मचारी उनसे बात नहीं कर पाते हैं। इसलिए मूक-बधिरों की भाषा सांकेतिक होनी चाहिए। साथ ही उनकी सहायता के लिए पुलिस सहायता केंद्र की स्थापना होनी चाहिए। पुलिस को चाहिए कि वह सांकेतिक भाषा और एसएमएस के जरिए ऐसे लोगों की मदद करे।
फोटो: अंतरराष्ट्रीय मूक-बधिर दिवस पर रैली निकालते लोग।