झांसी. यूपीए सरकार में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री रहे प्रदीप जैन आदित्य को सोमवार को चार घंटे तक न्यायिक हिरासत में रहना पड़ा। इनके खिलाफ एक वर्ष पहले बिजली अव्यवस्था के खिलाफ पारीछा पावर प्लांट के सामने धरना-प्रदर्शन कर राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने का आरोप था। इस मामले में उन पर केस दर्ज किया गया था। पूर्व केंद्रीय मंत्री के साथ ही 15 नामजद और 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज हुई थी। हालांकि, शाम चार बजे के बाद उन्हें जमानत मिल गई।
बताते चलें कि 11 जून, 2013 को बिजली समस्या को लेकर प्रदीप जैन आदित्य ने पारीछा पावर प्लांट के सामने झांसी-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर धरना-प्रदर्शन किया था। इस दौरान सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया था। पुलिस ने इस मामले में पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री प्रदीप जैन आदित्य सहित नगर कांग्रेस अध्यक्ष नरेश बिल्हाटिया, सुहैल जैन और शेर खान सहित 15 लोगों को नामजद और 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 143, 147, 149, 341, 704, 186, 188 और 145 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
सोमवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री अपने समर्थकों के साथ एसीजेएम प्रभारी राहुल सिंह की अदालत में पेश हुए। उन्हें यहां चार घंटे तक न्यायिक हिरासत में रहना पड़ा। मजिस्ट्रेट ने पूर्व राज्यमंत्री सहित उनके पांचों समर्थकों को शाम चार के बाद जमानत दे दी।
फोटो: न्यायिक हिरासत के दौरान मौजूद पूर्व केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री प्रदीप जैन।