झांसी. शहर वालों को बिजली की समस्या से निजात दिलाने के लिए माता टीला की तर्ज पर सुकुवां-ढुकुवां बांध पर 24 मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू हो सकता है। इससे लगभग 12 हजार घरों को बिजली मिल सकती है। सुकुवां-ढुकुवां बांध में पानी पर्याप्त है इसलिए चार सालों से लगातार जल विद्युत प्लांट की ओर से यह प्रयास किए जा रहे थे। अब इस परियोजना को गति मिल सकी है।
इस प्लांट को लगाने का काम सरकार ने टीएचडीसी लिमिटेड को सौंपा है। योजना के तहत बांध के पास एक थर्मल पावर प्लांट बनाया जाएगा, जिसके लिए वन विभाग से 39 हेक्टेयर जमीन की मांग की गई थी। जो अब प्रदान कर दी गई है। थर्मल पावर से बबीना सब स्टेशन तक 66 केवी की विधुत लाइन खींची जानी है। इसके लिए टीएचडीसी के मैनेजर एसके मित्तल ने विधुत विभाग के मुख्य अभियंता वितरण एससी गुप्ता से मुलाकात की। इस पर उन्होंने जल्द लाइन डलवाने का आश्वासन दिया है। इस योजना पर करीब तीन सौ करोड़ रुपए खर्च आएगा। टीएचडीसी के मैनेजर की माने तो योजना को तैयार होने में कम से कम तीन साल का समय लगेगा।
बताते चलें कि अभी माता टीला बांध पर 11-11 मेगावाट की तीन जल विधुत इकाइयां स्थापित हैं। सुकुवां-ढुकुवां बांध पर जल विधुत उत्पादन शुरू होने से 24 मेगावाट बिजली झांसी को मिलने लगेगी। एक मेगावाट में एक हजार वाट होते हैं। यदि एक घर में दो किलोवाट का भार है तो इस हिसाब से 24 मेगावाट में 12 हजार घरों को बिजली दी जा सकती है। इस उत्पादन से दो बिजली घरों से जुड़े क्षेत्रों को रोशन किया जा सकता है। गर्मियों में जब बिजली संकट बढ़ता है तो ऐसे समय में यह योजना लोगों के लिए बेहद ही लाभदायक साबित होगी।
प्रतीकात्मक फोटो