तस्वीर में: पुलिस गिरफ्त में व्यापारी (ब्लैक चेक शर्ट में सबसे बाएं) और साथ में कुर्सी पर बैठे एसपी राकेश शंकर।
झांसी/उरई. कुछ दिन पहले हुआ गल्ला व्यापारी के अपहरण का मामला झूठा निकला। उसने खुद ही अपने अगवा होने की साजिश रच मुंबई भाग गया। इसके बाद घर पर फिरौती के लिए किसी से फोन कराया, लेकिन यह उसके लिए मुसीबत बन गया। जांच-पड़ताल के बाद पुलिस ने शनिवार को उसे एक रिश्तेदार द्वारा मुंबई से झांसी बुलाया और गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि व्यापारी पर कर्ज था। इससे बचने के लिए उसने अपहरण का नाटक किया था। ऐसे में पुलिस उसके खिलाफ गुमराह करने का आरोप लगाकर जेल भेजने की तैयारी कर रही है।
बताते चलें कि जालौन के उरई स्थित मोहल्ला नया पटेलनगर निवासी किशुन प्रसाद ने पांच सितंबर को सूचना दी थी कि उसका पुत्र विनय कुमार (40) का अपहरण कर लिया गया है। वह गल्ला मंडी का व्यापारी है और उसकी बाइक मंडी में खड़ी मिली है। उसके अपहरण का पता तब चला, जब घर पर फिरौती के लिए फोन आया। अपहरण की बात सुनकर पुलिस के होश उड़ गए।
व्यापारी के मोबाइल नंबर से पुलिस ने किया ट्रेस पुलिस ने अपहरणकर्ताओं तक पहुंचने के लिए दो टीम गठित की। स्वॉट टीम (स्पेशल वीपन्स एंड टैक्टिस दल) को भी इसमें लगाया गया। पुलिस अधीक्षक राकेश शंकर के नेतृत्व में चले इस ऑपरेशन में पुलिस ने सबसे पहले व्यापारी का मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। इसके बाद व्यापारी के नंबर से कॉल किया गया, जो उरई के पास कोंच में पाया गया। पुलिस ने तुरंत ही कोंच में ट्रेस हुई जगह पर छापा मारा।
व्यापारी की मौसी ने खोला राज
यहां महिला उक्त व्यापारी की मौसी निकली। पुलिस ने पूरा मामला पूछा तो उसने सब कुछ बता दिया। पुलिस ने महिला पर दबाव डालते हुए किसी बहाने से उक्त व्यापारी को मुंबई से झांसी बुला लिया। शनिवार को जैसे ही वह मुंबई से किसी ट्रेन से झांसी पहुंचा। पुलिस ने रेलवे स्टेशन पर ही उसे पकड़ लिया।
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