झांसी. बुंदेलखंड में समस्याओं और मांगों को मनवाने के लिए लोगों ने अनोखा तरीका निकाला है। अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों द्वारा गांव में सड़क नहीं बनवाए जाने के कारण लोग गुस्से में हैं। परेशान होकर लोगों ने सड़क को मृत घोषित कर बाकायदा उसका अंतिम संस्कार किया गया था। सोमवार को पूरे विधिविधान से हवन-पूजन करवाकर
श्राद्ध किया गया। इसके बाद तेरहवीं का भोज भी करवाया। इस भोज में करीब दौ सौ लोग शामिल भी हुए।
दरअसल, जालौन जिले का ग्राम गड़ेरना मूलभूत सुविधाओं से अछूता है। मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर करीब पांच हजार आबादी वाले इस गांव में सड़क नहीं है। लंबे समय से इस गांव में लोग सड़क की मांग कर रहे थे, लेकिन किसी ने भी उनकी मांग नहीं सुनी। इस सड़क पर दो-दो फीट गड्ढे हैं। इससे परेशान होकर लोगों ने सड़क को मृत घोषित कर बाकायदा उसका अंतिम संस्कार किया। इसके बाद पूरे विधिविधान से हवन-पूजन करवाकर श्राद्ध किया गया। साथ ही तेरहवीं का भोज भी करवाया। इस भोज में करीब दौ सौ लोग शामिल भी हुए।
शासन-प्रशासन की चैखट पर जाने की बजाए समस्याओं को मृत घोषित कर विरोध का अनोखा तरीका निकाला है। पूरे देश में बदहाली के लिए पहचाने जाने वाले बुंदेलखंड के कई जिलों में लोग विरोध का यही अनोखा तरीका निकाल रहे हैं। इन तेरहवीं भोजों में डीएम सहित जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जा रहा है।
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