बरेली. यूपी के बरेली का एक शख्स
फेसबुक पर मिली महिला को अपनी 'मां' मानकर असल मां-बाप को छोड़ने पर अड़ा है। बरेली कॉलेज में ग्रैजुएशन के दूसरे साल के छात्र विजय मौर्य ने केरल की एक महिला की खातिर अपने मां-बाप को छोड़ने का फैसला किया है। मां-बाप और दोस्तों के लाख समझाने के बाद भी वह अपना फैसला बदलने के लिए तैयार नहीं है।
क्या है मामला
20 वर्षीय छात्र विजय की यह कहानी फेसबुक से शुरू हुई। विजय के पिता ब्रिजेश मौर्य के मुताबिक, "हमने नोटिस किया कि विजय अक्सर फेसबुक पर ही व्यस्त रहता था, लेकिन हमने इसे गंभीरता से नहीं लिया।" पिछले महीने लड़का घर से गायब हो गया तो परिवार वालों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसी बीच उन्होंने पाया कि विजय के बैंक अकाउंट में इन्स्टॉलमेंट में 22 हजार रुपए जमा हो चुके थे। विजय 28 दिनों के बाद घर वापस लौटा और बताया कि वह अपनी 'फेसबुक मॉम' सुकन्या (काल्पनिक नाम) से मिलने बहरीन गया था। विजय ने बताया कि केरल के त्रिवेंदम में रहने वाली सुकन्या नर्स के तौर पर वहां काम करती है। विजय ने यह भी बताया कि उसके खाते में जो पैसा जमा किया गया है, वह उसने ही किया है और वह अपनी 'फेसबुक मां' के साथ ही रहने चाहता है।
अपने 'बेटे' को लेने बरेली पहुंची सुकन्या
ड्रामा तब और बड़ा हो गया जब बीते शुक्रवार को सुकन्या अपने 'बेटे' को साथ ले जाने बरेली पहुंच गई। घर पहुंची अपनी 'मां' को विजय ने गले लगा लिया और उसके साथ जाने की मिन्नतें करने लगा। हालांकि, पुलिस और परिवार के लोग दोनों को रोकने में कामयाब रहे। लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (एलआईयू) इंस्पेक्टर एमपी सिंह ने कहा, "अभी इस मामले में फैसला अस्थायी तौर पर लंबित रखा गया है।"
इसी बीच, विजय के परिवार का मानना है कि वह अपना इरादा बदल लेगा। विजय के पिता ब्रिजेश मौर्य का कहना है, "अब यह फैसला किया गया है कि अगले 20 दिन तक वह हमारे साथ रहेगा और इसके बाद उसका फैसला होगा कि वह हमारे साथ रहना चाहता है या सुकन्या के साथ जाना चाहता है।"
बीजेपी की राजनीति
इस मामले में एक नया मोड़ उस समय भी आया, जब बीजेपी के स्थानीय नेता लड़के के परिवार वालों के समर्थन में आ गए। बीजेपी ने कहा कि एक क्रिश्चियन महिला सुनियोजित षडयंत्र के तहत एक हिंदू लड़के का
धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास कर रही है।
(फोटोः तस्वीर केवल प्रतीकात्मक प्रस्तुति के लिए हैं। किसी शख्स से इसका कोई लेना-देना नहीं है।)