सहारनपुर. सरकार और प्रशासन की लाख कोशिशों के बाद भी दबंगों पर लगाम नहीं लग पा रही है। खेत में काम करने से मना करने पर आधा दर्जन दलित महिलाओं से न केवल मारपीट की गई बल्कि एक महिला को गोली मारकर बुरी तरह से घायल भी कर दिया गया है। घायल महिला को मुजफ्फरनगर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
देवबंद कोतवाली क्षेत्र के गांव आखलौर खेड़ी निवासी दलित महिला लोकेश पत्नी कंवरपाल गुरुवार की शाम गांव की ही रहने वाली अन्य दलित महिलाओं लक्ष्मी, अनारकली, ओमबीरी, केला, शकुंतला, वीरमती, सिरसला और फूलकली जंगल से घास लेकर लौट रही थीं। आरोप है कि रास्ते में मिले गांव रणखंडी निवासी मुकेश, मनोज, यशपाल और निरंजन ने
जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए दलित महिलाओं से जबरन अपने खेत में खड़ी ईंख की कटाई करने के लिए कहने लगे।
दलित महिलाओं के मना किए जाने और अभ्रद भाषा का विरोध करने पर लाठी-डंडों से मारपीट शुरू कर दी। इतना ही नहीं मुकेश ने तमंचे से फायर झोंक दिया। इससे लक्ष्मी पत्नी वेदप्रकाश घायल हो गई। घटना के बाद उक्त लोग जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए और जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से भाग निकले। पीड़ित महिलाओं की ओर से कोतवाली देवबंद में रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दे दी गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
कोतवाली प्रभारी ब्रजपाल सिंह जाखड़ ने बताया कि जांच में जो लोग भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फाइल फोटो