नोएडा. झारखंड के धनबाद में अंधी आस्था के नाम पर आरपीएफ हवलदार मुनीलाल पर गुरुवार को बलि देने के मकसद से दो सगी बहनों का अपहरण करने का आरोप लगा। उसके घर से नरकंकाल भी बरामद हुए हैं। इस घटना ने करीब सात साल पहले नोएडा के निठारी में हुए खौफनाक वारदात की याद ताजा कर दी है। निठारी गांव में एक मकान के नाले से आठ बच्चों के कंकाल की बरामदगी होने के बाद एक बड़ी घटना का खुलासा हुआ था। दो नरपिचाशों मोनिंदर सिंह पंढेर और उसके नौकर सुरिंदर कोली को इस मामले में गिरफ्तार कर लिया गया था।
दोनों नरपिचाशों पर आरोप लगा था कि वे मासूम बच्चियों और बच्चों के साथ सेक्स करने के बाद उनका मांस खाते थे। उसके बाद उनका कंकाल मकान के पीछे बने नाले में फेंक दिया करते थे। निठारी गांव से आए दिन गायब हो रहे बच्चों के माता-पिता इस बाबत थाने में रिपोर्ट करते रहे, लेकिन पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठे रही। एक दिन दोनो नरपिचाशों के कुकृत्यों का खुलास हो गया। दोनों इन दिनों जेल की हवा खा रहे हैं।
बच्चों की नृशंस हत्या से जुड़े निठारी कांड का घटनाक्रम इस प्रकार है...