तस्वीर में: नवजात की मौत के बाद रोते-बिलखते परिजन।
मुरादाबाद. दो बूंद जिंदगी के नाम से पिलाई जा रही पोलियो ड्रॉप के पीने के बाद बुधवार को मुरादाबाद में एक नवजात की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि पोलियो ड्रॉप एक्सपायरी था। दूसरी ओर, बच्चे की तबियत खराब होने की वजह से परिजनों ने ड्रॉप पिलाने से मना किया था, लेकिन जबरदस्ती पिला दी गई। इसके कुछ ही देर बाद नवजात की मौत हो गई। इससे गुस्साए लोगों ने पोलियो ड्रॉप पिलाने वाली महिला कर्मचारियों को बंधक बना लिया। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घंटों मशक्कत के बाद किसी तरह उन्हें मुक्त कराया।
बताते चलें कि पोलियो ड्रॉप पिलाने के बाद नवजात की मौत होने का यह मामला मुरादाबाद के थाना नागफनी के दीवान बाजार क्षेत्र का है। यहां वसीम अपने परिवार के साथ रहता है। उसका चार दिन पहले एक बेटा हुआ था जो बहुत कमज़ोर और बीमार था। उसके घर के नीचे पोलियो ड्रॉप पिलाने वाली महिलाएं बच्चे को ड्रॉप पिलाने आई थी। परिजनों के मुताबिक, जब उन्होंने वसीम के बच्चे को पोलियो की ड्रॉप पिलाने के लिए कहा तो उसने मना कर दिया गया। उनसे कहा कि बच्चा कमजोर है और तबियत खराब है। फिर भी महिला कर्मचारियों ने बच्चे को पोलियो ड्रॉप पिला दी। इसके बाद उसकी मौत हो गई।
पोलियो ड्रॉप पिलाने वाली महिला कर्मियों को बनाया बंधक
नवजात की मौत के बाद गुस्साए परिजनों ने पोलियो ड्रॉप पिलाने वाली महिलाओं नसीम और किरण को लगभग दो घंटे घर में बंधक बनाए रखा। बंधक बनाने और बच्चे की मौत होने की सूचना के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। इसके बाद तुरंत पुलिस अधिकारी और अपर चिकत्सा अधिकारी डॉ. गौतम मौके पर पहुंचे। उन्होंने मृतक नवजात के के परिजनों को समझाने के लिए पोलियो ड्रॉप एक्सपर्ट को बुला कर ड्रॉप की जांच करवाई।
अधिकारियों ने कहा- पोलियो ड्रॉप एक्सपायरी नहीं था
अधिकारियों के अनुसार, जांच में पता चला कि ड्रॉप एक्सपायरी नहीं है। फिर भी अपर चिकत्सा अधिकारी ने ड्रॉप को सील कर जांच के लिए भेज दिया है। दूसरी ओर, नवजात की मौत से जिस घर में चार दिन पहले खुशिया आई थी, वहां मातम पसरा हुआ है। वहीं, इलाके के लोगों में अब अपने बच्चों को पालियो ड्रॉप पिलाने को लेकर संशय नजर आ रहा है।
आगे देखिए नवजात की मौत के बाद परिजनों ने पोलियो ड्रॉप पिलाने वाली महिला कर्मचारियों को बंधक बनाए हुए तस्वीरें…