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ईओडब्‍ल्‍यू की जांच में फंसे प्रियंका गांधी के चचिया ससुर​!

8 वर्ष पहले
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लखनऊ. गांधी परिवार के दामाद रॉबर्ट बढ़ेरा के चाचा ओपी बढ़ेरा इन दिनों भारी मुश्किल में फंसते दिख रहे हैं। मुरादाबाद में गरीबों के स्‍वामी विवेकानंद अस्‍पताल को फर्जी ढंग से फोर्टिस अस्‍पताल प्रबंधन को सौंपे जाने के मामले में यूपी की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्‍ल्‍यू)​ ने ओपी बढ़ेरा को दोषी माना है और शासन को भेजी अपनी रिपोर्ट में बढ़ेरा सहित 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू करने की सिफारिश की है। गृह विभाग के अनुसार ईओडब्‍ल्‍यू की तरफ से रिपेार्ट प्राप्‍त हो चुकी है, जिस पर जल्‍द ही निर्णय ले लिया जाएगा।
इस संबंध में काफी समय से लड़ाई लड़ रहे समाजसेवी संजीव मल्‍होत्रा बताते हैं कि 1984 में मुरादाबाद ​में स्‍वामी विवेकानंद अस्‍पताल की स्‍थापना के लिए किसानों, मजदूरो और आम इंसान ​ने अपनी गाढ़ी कमाई चंदे में दी। ​इसमें सांसद निधि और विधायक निधि का भी इस्‍तेमाल किया गया। ये अस्‍पताल बनने के बाद लखनऊ के बाद यूपी के सबसे बड़े अस्‍पतालों में शुमार हो गया। ​कई सालों तक यहां अच्‍छा और सस्‍ता इलाज भी मिला। लेकिन इसके बाद ट्रस्‍ट ने फर्जीवाड़ा करके और करोड़ों रुपए घूस लेकर इस अस्‍पताल में फोर्टिस के हाथों बेच दिया। आज यहां कोई गरीब इलाज नहीं करा सकता है‍। सिर्फ पर्चा ही यहां 200 रुपए का बनता है और तो और गंभीर रोगी से पहले ही 15 हजार रुपए रखवा लिए जाते हैं।
उन्‍होंने कहा कि फोर्टिस को अस्‍पताल का प्रबंधन सौंपने से पहले ट्रस्‍ट ने न तो बोर्ड की कोई मीटिंग बुलाई, न ही डीएम को ही कोई जानकारी दी। जबकि डीएम इस ट्रस्‍ट में सदस्‍य होता है। उन्‍होंने आवाज उठाई तो डीएम ने मामले में एक जांच कमेटी बनाई, जिसमें एडीएम ई, एसीएम आदि नियुक्‍त किए गए। इन्‍होंने भी अपनी रिपोर्ट पर फर्जीवाड़ा बताया है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है, क्‍योंकि ओपी ​बढ़ेरा कांग्रेस की सोनिया गांधी की बेटी प्रियंका गांधी के चचिया ससुर हैं।
​उधर ईओड ​ब्‍ल्‍यू के​​ अफसरों के अनुसार अगस्त 2011 में शासन द्वारा मुरादाबाद में बने विवेकानंद अस्पताल को फोर्टि ​स​ अस्पताल के मैनेजमेंट को ​सौंपे जाने में बरती गई अनियमितताओं की जांच करने का आदेश दिया गया था ​।​ जिसके आधार पर ईओडब्लू के मेरठ सेक्टर ने इस मामले की जांच की​।​ ईओडब्लू में मेरठ सेक्टर के पुलिस उपाधीक्षक कल्या ​न​ सिंह की देखरेख में हुई जांच में ​पता चला कि गरीबों का मुफ्त इलाज करने के लिए लोगों के चंदे ​ और​​​ सरकार की मदद से विवेकानंद अस्पताल की स्थापना की गई​।
संचालन के लिए मुरादाबाद चैरिटेबिल ट्रस्ट एंड रिसर्च सेंटर नाम से एक ट्रस्ट बनाया गया​।​ इस ट्रस्ट में अस्पताल की बिल्डिंग बनाने के लिए सांसद बीपी सिंघल ​ ने सांसद निधि से​ और विधान परिषद सदस्य ​डॉ रमाशंकर कौशिक ने ​विधायक निधि से कुल ​ 27.50 लाख रुपये दिए. ​यही नहीं शहर के लोगों से दान के रूप में 1.22 करोड़ रुपये ट्रस्ट को ​मिले। इसके अलावा सरकार ने भी ​5 एकड़ भूमि ट्रस्ट को मुहैया कराई, जिस पर ट्रस्ट ने नर्सिंग स्कूल और अस्पताल के लिए अन्य भवन बनवाए​।​
26 नवंबर 2010 को विवेकानंद अस्पताल को फोर्टिज अस्पताल के मैनेजमेंट को सौंपने का समझौता मुरादाबाद चैरिटेबिल ट्रस्ट एंड रिसर्च सेंटर के ट्रस्टी अध्यक्ष ओपी बढ़ेरा ने किया। इसमें कई नियमों की अनदेखी की गई​।​ पूछताछ करने पर ट्रस्ट के अध्यक्ष ओपी बढ़ेरा, केएल कत्याल, केवल किशन खोसला, कमल चन्द्रा, विनोद खन्ना, मनु तलवार और मुकुल मनचन्दा ने डीएसपी कल्यान सिंह को बताया कि विवेकानंद अस्पताल बंद होने की कगार पर था​।​
कोई डाक्टर काम करने को तैयार नहीं थे इ सी​लिए मुरादाबाद चैरिटेबिल ट्रस्ट के बोर्ड​ ऑफ डायरेक्टर ने आर्थिक हानि के कारण विषम परिस्थितियों में अस्पताल को चलाने के लिए उसे फोर्टिज अस्पताल के मैनेजमेंट को सौपने की कार्रवाई की। जिसका ट्रस्टी राघव गुप्ता, अजय गुप्ता और देवप्रकाश मनचंदा ने विरोध किया​।​ जिसकी अनदेखी कर यह अस्पताल फोर्टिज को चलाने के लिए दिया गया​।​
जांच के इन तथ्यों के आधार पर ईओडब्लू के अफसरों ने माना कि मुरादाबाद चैरिटेबिल ट्रस्ट, जिसके अध्यक्ष ओपी बढे़रा ​हैं, के द्वारा सरकारी धन की सहायता से चलाए जाने वाले विवेकानंद अस्पताल को व्यापारिक​ कार्यों के लिए दिया जाना वैधानिक नहीं है​।​ इसलिए मुरादाबाद चैरिटेबिल ट्रस्ट हेल्थ रिसर्च सेंटर के अध्यक्ष ओपी बढ़ेरा सहित 18 ट्रस्टगणों और फोर्टिज हेल्थ​ ​केयर लिमिटेड के ​8 पदाधिकारियों के खिलाफ ​आईपीसी की धारा 406 के अतंर्गत ​मामला दर्ज कर जांच शुरू की जाए। ​जांच अधिकारी की इस संस्तुति पर अब ​प्रदेश के ​गृह विभाग को निर्णय लेना है​।​ मामले में गृह विभाग के प्रवक्ता का कहना है कि ​ईओडब्‍ल्‍यू की रिपोर्ट शासन को प्राप्‍त हो गई है, इस पर विचार किया जा रहा है। ​जल्द ही ​निर्णय ले लिया जाएगा। ​​