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वि‍देशों में आम बेचकर नाम और दाम दोनों कमा रहा यह कि‍सान

7 वर्ष पहले
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तस्‍वीर में: अपने आम के बाग में बैग लगे आम को दि‍खाते करुण कुमार गुरेजा।
सहारनपुर. एक ओर जहां किसान खेती और बागवानी से पीछे हट रहे हैं। फायदा न होने और कर्जदार होने पर आत्महत्या करने जैसे कदम उठा रहे हैं। वहीं, सहारनपुर जिले के एक बागवानी करने वाले कि‍सान अपने बाग में उत्पादित आम को विदेशों में नि‍र्यात कर करोड़ों रुपए अर्जि‍त कर रहा है। मरवा गांव के बागवान करुण कुमार गुरेजा अमेरिका, ऑस्‍ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और जापान में अपने आम का डंका बजवा चुके हैं। उन्होंने कई देशों में 70 टन आम का निर्यात कर अपने आम को विदेशी मानकों पर खरा साबित किया है। ऐसे में कि‍सान इनके प्रेरणा स्रोत बन सकते हैं।
बताते चलें कि‍ बेहट तहसील क्षेत्र के गांव मरवा निवासी करुण कुमार गुरेजा आधुनिक किसान और बागवान के रूप में स्वयं को आगे बढ़ा रहे हैं। खेती-बाड़ी के साथ-साथ वह आम की पैदावार भी करते हैं। इस वर्ष उनकी ओर से 70 टन आम का निर्यात विदेशों में किया गया। जिन देशों में उन्‍होंने आम निर्यात किया उनमें जापान, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड शामिल है।
दशहरी, लंगड़ा और चौसा ने वि‍देशों में बजाया डंका
उन्होंने अपने बागों से दशहरी, लंगड़ा और चौसा आम को विदेशों में भेजकर सहारनपुर का डंका बजवाया है। मंडी समिति सहारनपुर की ओर से जयपुर के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर मार्केटिंग से प्रशिक्षण प्राप्त कर उन्होंने बागों में एक्सपोर्ट क्वालिटी के आम पैदा कर निर्यात करने की ठानी थी।
संभावना तलाशने के लिए करुण गए थे जापान
उन्‍होंने बागों में पैदा होने वाले चौसा, लंगड़ा और दशहरी आम को विदेश भेजने से पहले बाग की मिट्टी की जांच करवाई। इसके बाद रिपोर्ट के आधार पर उर्वरकों और माइक्रोन्यूटेएंट का प्रयोग किया। आम को रोग और फ्रूट फ्लाई आदि कीटों से बचाने के लिए जापान और कोरिया से बैग मंगाए, जो आमों पर लगाए गए। इससे आम कीट और फंगस से बचा रहा और उसकी गुणवत्ता बनी रही।
आगे पढ़ि‍ए करुण ने इस साल 70 टन आम वि‍देशों में कि‍ए नि‍र्यात…