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डीएम की अनूठी पहल, स्कूल नहीं जाने वाले बच्चों को लाओ 100 रुपए पुरस्कार पाओ

7 वर्ष पहले
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सोनभद्र/लखनऊ. नक्सल प्रभावित सोनभद्र के इलाकों में बच्चों को शिक्षा से जोड़ने की जिलाधिकारी ने अनूठी पहल की है। एक अक्टूबर से जिले के हर उस व्यक्ति को 100 रुपए बतौर इनाम दिया जाएगा, जो अपने इलाके के छह से 14 साल की उम्र के स्कूल नहीं जाने वाले बच्चे की जानकारी देगा। यही नहीं, जो जिला प्रशासन को, जितने बच्चों की जानकारी देगा, उसे उसी हिसाब से 100 रुपए दिए जाएंगे। जिस इलाके में ऐसे बच्चे मिलेंगे, प्रशासन वहां कार्रवाई भी करेगा।
बच्चों को स्कूलों से जोड़ने के लिए सितंबर महीने को सोनभद्र जिला प्रशासन ने शिक्षा माह भी घोषित किया है। अभियान चला कर घर-घर जाकर ऐसे बच्चों की जानकारी की गई है, जो स्कूल नहीं जाते थे। इसके साथ ही उनके परिजनों से बात कर बच्चों का स्कूलों में नामांकन भी करवाया गया है। इसके बाद भी जिलाधिकारी को सोनभद्र के कुछ ऐसे मामले भी मिले हैं, जहां बच्चों की नामांकन संख्या दिखाने के लिए, तो प्रशासन को नाम भेज दिए गए, लेकिन न, तो उनका दाखिला हुआ और न ही वह पढ़ रहे थे।
जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह ने इस के बाद एक अक्टूबर से आम लोगों को इसमें जोड़ने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि इस दौरान स्थानीय स्तर पर प्रधानाध्यापकों, ग्राम प्रधानों, ग्राम पंचायत सदस्यों की मदद भी ली जाएगी। जो भी व्यक्ति ऐसे बच्चे की जानकारी देगा, उसे 100 रुपए बतौर इनाम दिया जाएगा।
ग्राम प्रधान देंगे नामांकन का प्रमाण
जिले के ग्राम प्रधानों से इसका प्रमाण-पत्र लिया जाएगा कि अब उनके ग्राम पंचायतों में कोई भी बच्चा दाखिला लेने से बाकी नहीं है। इसके लिए जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को आदेश जारी किया गया है।
हाज़िरी बढ़ाने पर भी जोर
अभियान के दौरान बच्चों का नामांकन करने से ही शिक्षकों का काम नहीं चलेगा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि जिले के जिन स्कूलों में बच्चों की हाजिरी कम है, वहां हाज़िरी बढ़ाई जाए। साथ ही खंड शिक्षा अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि मिड-डे-मील में ब्रांडेड सामानों का इस्तेमाल कर पौष्टिक और अच्छा खाना बच्चों को दिया जाए। स्कूल परिसर को साफ-सुथरा रखते हुए प्रार्थना के समय स्कूली बच्चों के ड्रेस के साफ-सफाई का निरीक्षण करने को भी कहा गया है।
फोटोः प्रतीकात्मक