फोटो: जर्जर भवन के बरामदे में पढ़ते बच्चे।
झांसी. कसाई मोहल्ले में बना यह प्राइमरी स्कूल बदहाल है। यहां मोहल्ले भर के कूड़े पड़े रहते हैं। स्कूल का भवन जर्जर हाल में है, जो कभी भी गिर सकती है। इसकी दीवारों में सीलन लगी है। स्कूल में पढ़ने से ज्यादा बच्चों का ध्यान बिल्डिंग गिरने पर लगा रहता है। यहां न तो पीने के पानी की कोई व्यवस्था है, न ही खेलने का मैदान। बच्चों को यहां से मुफ्त में कॉपी-किताबें भी नहीं मिलती। ऐसे में जर्जर भवन के स्कूल में पढ़ने वालों बच्चों और टीचरों पर हर वक्त मौत का साया मंडराता है। (दूसरे स्लाइड में देखिए वीडियो)
इस स्कूल 65 बच्चे पढ़ते हैं। यहां पर मिड डे मील के लिए खाना बनाने की कोई व्यवस्था नहीं है। संबंधित कर्मचारी अपने घर से बच्चों के लिए खाना बनाकर ले आती हैं। यहां सिर्फ दो टीचर हैं, जो बच्चों को पढ़ाती हैं। उनका कहना है कि स्कूल में शौचालय की भी कोई व्यवस्था नहीं हैं। ऐसे में जब कभी उनको टॉयलेट लगती है, तो मजबूरन छुट्टी लेकर घर जाना पड़ता है।
क्या कहती हैं प्रिंसिपल
स्कूल की प्रिंसिपल रिचा साहू का कहना है कि यह बिल्डिंग प्राइवेट है। इसमें सरकार पैसा नहीं लगा सकती। पूरे वार्ड में सरकारी जमीन न होने के कारण यहां स्कूल नहीं बन पा रहा है। नगर शिक्षा अधिकारी ने लिखित चेतावनी दे रखी है कि क्लास में बैठकर बच्चों को न पढ़ाया जाए, क्योंकि इसकी छत कभी भी गिर सकती है।
क्या कहते हैं अभिभावक
अभिभावकों का कहना है कि बच्चे पढाई के दौरान धूप में बैठे रहते हैं। स्कूल में उनके लिए टीन शेड भी नहीं है। दीवारों में सीलन लगी है। बरसात होने पर स्कूल में पानी भर जाता है। सामने कूड़े का अंबार होने से बच्चे बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों से इसकी शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अधिकारी साल में एक या दो बार आते हैं और बस औपचारिकता पूरी करके चले जाते हैं।
आगे की स्लाइड्स में देखिए, बदहाल भवन में चल रहे प्राइमरी स्कूल का वीडियो और देखिए, इससे संबंधित कुछ चुनिंदा तस्वीरें...