झांसी. झांसी के खैरा गांव में दलित युवक के साथ दरिंदगी की तस्वीर सामने आने के बाद एससी/एसटी आयोग सख्त हो गई है। शनिवार को आयोग के डायरेक्टर कन्हैयालाल वर्मा झांसी पहुंचे। उन्होंने पीड़ित से मुलाकात की। पूरी जानकारी लेने के बाद उन्होंने भी माना कि पूरे मामले में पुलिस की भूमिका संदिग्ध है। दोषी पाए जाने पर पुलिस के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
पीड़ित दलित युवक के गांव पहुंची आयोग की टीम ने पहले गांववालों से पूछताछ की। इसके बाद पीड़ित से मिलकर पूरे प्रकरण के बारे में जानकारी ली। डायरेक्टर कन्हैयालाल वर्मा ने कहा कि आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद भी अभी तक जेल नहीं भेजा गया है। पुलिस ने हर जगह लापरवाही बरती है। आयोग उनकी कार्यशैली की जांच करेगी। इसमें दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
आरोपियों ने इंसानियत का गला घोंटा
डायरेक्टर ने कहा मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। उन्होंने माना कि दलित के साथ जो किया गया, वह सरासर गलत था। आरोपियों ने ऐसा करके इंसानियत का गला घोंटा। जांच के बाद पीड़ित को न्याय दिलाया जाएगा। रक्सा पुलिस से पूछताछ के बाद उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। वह इसकी रिपोर्ट आयोग के अध्यक्ष पीएल पुनिया को देंगे।
क्या था मामला
घटना 19 सितंबर को झांसी के रक्सा थाना क्षेत्र के खैरा गांव की है। गांव के 20 साल के युवक का जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। कुछ दबंगों ने उसे गुरुवार की रात घर से उठा लिया। उसे बंधक बना कर रखा और लगातार उस पर जुल्म करते रहे। पहले तो लाठी-डंडों से उसकी पिटाई की, पेशाब पिलाई और मल खिलाया। उसकी आधी मूंछ काट दी और सिर मुंडवा दिया। और तो और, प्राइवेट पार्ट में पेट्रोल से भिगोया गया कपड़ा बांध कर आग भी लगा दी। पीड़ित ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मामले की शिकायत की थी। बाद में एससी/एसटी आयोग ने इसमें संज्ञान लिया।
फोटो: पीड़ित दलित युवक से मिलने जाते एससी/एसटी आयोग के डायरेक्टर कन्हैयालाल वर्मा (बीच में)।