पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

भाजपा ने पिता-पुत्र और मां-बेटी की टीम बनाई

9 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
लखनऊ. उप्र में जनाधार बढ़ाने की जद्दोजहद में लगी भाजपा ने 2014 के लोकसभा चुनाव में पिता-पुत्र व मां-बेटी की जोड़ी से सीटों की संख्या बढ़ाने की रणनीति तैयार की है। प्रदेश अध्यक्ष वाजपेयी ने शनिवार को अपनी टीम की घोषणा की। इसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह को महामंत्री, कल्याण सिंह और लालजी टंडन के बेटों राजवीर सिंह व गोपाल टंडन को उपाध्यक्ष बनाया गया है। पार्टी की नेता प्रेमलता कटियार की बेटी नीलिमा कटियार को प्रदेश मंत्री बनाया गया है।
कलराज मिश्र के करीबी विजय बहादुर पाठक को मुख्य प्रवक्ता की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जबकि वरिष्ठ नेता व सांस्कृतिक विषयों के विशेषज्ञ हृदय नारायण दीक्षित को टीम में जगह नहीं दी गई है। दीक्षित लंबे समय से प्रदेश प्रवक्ता की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। मनोज मिश्र को जगह दी गई है। प्रवक्ताओं की टीम में आरएन सिंह नया नाम है। प्रदेश अध्यक्ष वाजपेयी ने शिव प्रताप शुक्ल, हरिद्वार दूबे, कृष्णा पासवान, सरिता भदौरिया और साध्वी निरंजन ज्योति को भी प्रदेश उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी है। रामनाथ कोविंद, स्वतंत्र देव सिंह, पंकज सिंह और देवेंद्र सिंह चौहान को प्रदेश महामंत्री बनाया गया है। वाजपेयी ने चार मोर्चों के अध्यक्षों के नामों की भी घोषणा की है।
इसमें विजय पाल तोमर को किसान मोर्चा, कमलावती सिंह को महिला मोर्चा, राजेंद्र गौड़ को अनुसूचित जाति जनजाति मोर्चा तथा रूमाना सिद्दकी को अल्पसंख्यक मोर्चा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रदेश कार्यसमिति के 78 सदस्य, विशेष आमंत्रित सदस्यों की संख्या 25 व स्थायी आमंत्रित सदस्यों की संख्या 26 है। गौरतलब है कि प्रदेश भाजपा लगातार अपना जनाधार खो रही है। पिछले डेढ़ दशक में पार्टी के सांसदों की संख्या 57 से घटकर 10 व विधायकों की संख्या 187 से घटकर 47 पर पहुंच गई है। इसके बावजूद पार्टी कोई सबक लेने को तैयार नहीं है।
कांग्रेस ने जड़ा परिवारवाद का आरोप
उप्र कांग्रेस ने भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी के गठन पर पूरी तरह से परिवारवाद हावी होने का आरोप लगाया है। प्रदेश प्रवक्ता जीशान हैदर ने कहा कि भाजपा आए दिन कांग्रेस पर परिवारवाद का आरोप लगाती है। जबकि भाजपा में तो कई परिवार सिर्फ परिवारवाद की राजनीति ही कर रहे हैं। उसका उदाहरण आज घोषित की गई प्रदेश कार्यकारिणी में साफ दिखाई दे रहा है। इसमें राजनाथ सिंह, कल्याण सिंह और लालजी टंडन के परिवार के सदस्यों को अहम भूमिकाएं दी गई हैं।