फोटो: महल का मुख्य द्वार, जिन पर सातों लड़कियों के चित्र बने हैं।
झांसी. इस महल में आज भी उन सात लड़कियों की चीख सुनाई देती है, जिन्होंने रेप के बाद महल के बुर्ज से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस बात को आज 150 साल बीत चुके हैं, लेकिन अभी भी यहां दिन में भी जाने से लोग डरते हैं। यह संरक्षित महल अब खंडहर में तब्दील हो चुका है।
बुंदेलखंड के ललितपुर में राजा मर्दन सिंह के पिता द्वारा महल में ही रेप घटना से आज भी हर कोई सिहर उठता है। राजा के पिता ने सात लड़कियों का रेप किया था। सभी लड़कियां ब्राहमण थीं। ये लड़कियां महल में अक्षय तृतीया की रस्म का नेग मांगने गई थीं। रेप के बाद इन सातों लड़कियों ने महल की बुर्ज से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली थी। 150 साल से अधिक बीत गए, लेकिन कहा जाता है कि इन लड़कियों की आत्मा आज भी महल में है और रात में कई बार उनकी चीखें भी सुनाई देती हैं। लोग यहां दिन में भी जाने से डरते हैं। अपने पिता द्वारा की गई इस घटना से शर्मसार राजा मर्दन सिंह ने लड़कियों की आत्मा की शांति के लिए महल के मुख्य द्वार पर सातों लड़कियों के चित्र बनवाए थे। यह आज भी मौजूद हैं।
बुंदेलखंड का इतिहास भले ही गौरवशाली रहा है, लेकिन बुंदेलखंड के जिला ललितपुर के राजशाही परिवार के द्वारा घटित हुई यह घटना शानदार अतीत पर दाग की तरह हैं। राजा मर्दन सिंह ने सन् 1857 की क्रांति के दौरान रानी लक्ष्मीबाई का साथ दिया था। सन् 1850 के आसपास राजा मर्दन सिंह ललितपुर के बानपुर नरेश थे। वह तालबेहट भी आते-जाते रहते थे। इसलिए उन्होंने ललितपुर के तालबेहट में एक महल बनवाया था। यहां उनके पिता प्रहलाद रहा करते थे। इन्हें यहां एक तरह से शासक माना जाता था।
राजा मर्दन सिंह के पिता ने किया था रेप
इतिहासकारों के अनुसार, अक्षय तृतीया का दिन था। इस दिन नेग मांगने की रस्म होती थी। इसी रस्म को पूरा करने के लिए तालबेहट राज्य की सात ब्राहमण लड़कियां राजा मर्दन सिंह के इस किले में नेग मांगने गईं। इस दौरान राजा मर्दन सिंह के पिता प्रहलाद किले में अकेले थे। उन्होंने इन सातों लड़कियों को रेप कर दिया। लड़कियां राजशाही महल में होने के कारण इस घटना का विरोध नहीं कर सकीं, लेकिन इन लड़कियों ने जान देने की ठान ली।
आगे पढ़िए राजा ने श्रद्धांजलि के लिए बनवाए थे सातों लड़कियों के चित्र...