फाइल फोटो।
बहराइच/लखनऊ. देश के पीएम
नरेंद्र मोदी आज अपना 64वां
जन्मदिन मना रहे हैं। ऐसे में बहुत कम ही लोग होंगे जो उनके जीवन से जुड़ी हुर्द एक सच्चाई के बारे में जानते होंगे। मोदी के लिए यूपी का बहराइच अत्यंत लकी रहा है। उन्होंने सिर्फ दो बार ही इस जिले का दौरा किया है लेकिन यहां से लौटने के बाद वो हमेशा राजनीति के फलक पर चमके हैं।
पीएम मोदी साल 2001 में बहराइच आए थे और यहां से लौटने के बाद उन्हें गुजरात के मुख्यमंत्री पद का कार्यभार मिला। वहीं, दूसरी बार जब वह इस जिले में आए तो लौटने के बाद देश के प्रधानमंत्री बने। मजे की बात ये है कि, साल 2013 में मोदी ने आम चुनाव के प्रचार-प्रसार की शुरुआत इसी जिले से की थी। इसका परिणाम अब देश की जनता के सामने है।
जानिए क्यों लकी है मोदी के लिए बहराइच
पीएम नरेंद्र मोदी साल 2001 में बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री के रूप में बहराइच कार्यकर्ता सम्मेलन में हिस्स लेने के लिए आए थे। सम्मेलन खत्म होने के बाद जब वो यहां से लौटे तो उन्हें गुजरात का सीएम बनाया गया। इस बाद मोदी दूसरी बार बीते 8 नवंबर 2013 को यहां आम चुनाव प्रचार के लिए आए। उसके बाद उन्हें देश का पीएम बना दिया गया। 'यह जिला मेरे लिए लकी है' इस बात का उन्होंने यहां अपनी रैली में भी किया था।
कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने गए थे बहराइच
बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री अक्षयवर लाल गौड़ कहते हैं कि, 12-14 साल पहले बहराइच को बीजेपी का गढ़ माना जाता था। उन्होंने कहा बहराइच सीट जनसंघ के जमाने से ही बीजेपी के पास रही। ऐसे में यहां कार्यरत संगठन में एक नई ऊर्जा भरने के लिए नरेंद्र मोदी को यहां भेजा गया था। उस समय मोदी राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) के तौर पर यहां आए थे। वे कहते हैं कि, मोदी की शैली पहले भी वैसी ही थी जैसी कि अब। मोदी ने बहराइच में जेल रोड स्थित केडिया हॉस्पिटल के बगल में एक पैलेस में कार्यकर्ता सम्मेलन में भी हिस्सा लिया था।
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