अमृतसर। बीएसएफ की तरफ से सरहद पर बढ़ाई गई चौकसी के बाद पाकिस्तानी तस्करों ने तस्करी के तरीके बदल दिए हैं। एक किलो से अधिक हेरोइन क्रास कराने की कोशिश की गई। इसे जवानों ने असफल कर दिया। इस दौरान तस्कर तो भाग निकले, लेकिन 50 बटालियन के जवानों ने एक किलो 300 ग्राम हेरोइन के अलावा एक पिस्टल, दो मैगजीन, छह राउंड, और पाकिस्तानी
मोबाइल तथा दो सिम बरामद किया। यह इस महीने की चौथी घटना है।
बता दें कि पहले तस्कर प्लास्टिक की पाइप के भीतर से एक-एक किलो के पैकेट फेंसिंग से होकर क्रास कराते थे। दूसरी तकनीक पैकेट को फेंसिंग के पास से फेंका जाता था। तीसरी तकनीक में रावी दरिया के जरिए रस्सी के माध्यम से सप्लाई किया जाता था। इसके अलावा फेंसिंग पार की भारतीय खेतों में पैकेट गाड़ दिए जाते रहे हैं। जिसे बाद में इधर, के किसान उठा लिया करते थे।
तस्करी के दौरान नहीं होती कोई आवाज
अमृतसर सेक्टर के डीआईजी एमएफ फारुकी ने बताया कि पंजाब फ्रंटियर के आईजी अशोक कुमार के दिशा-निर्देश पर जवानों ने चौकसी बरती हुई है। दबाव बढ़ने के कारण तस्करों ने पुराने तरीकों को बदल दिया है। इसी के तहत 27 सितंबर की सुबह जो हेरोइन क्रास करने की कोशिश की, वे खेप 8 फीट तथा 4.5 फीट लंबी रस्सी सरीखे कपड़े की दो थैलियों में पैक की गई थी। उसके ऊपर प्लास्टिक लपेटा गया था। इसमें कुल एक किलो 300 ग्राम हेरोइन पैक थी। फारुकी के मुताबिक, इस तकनीक से फेंसिंग के पास से ही पाइप को फेंका जाता और इधर आवाज भी नहीं आती। डीआईजी का कहना है कि तस्कर कितनी भी तकनीक बदलें हमारे जवान तस्करों के मंसूबे कामयाब नहीं होने देंगे।
(फोटो- रस्सीनुमा कपड़े के जरिए भेजी गई हेरोइन दिखाते डीआईजी फारुकी।)