चंडीगढ़। गुरूवार का दिन पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के लिए दोहरा ऐतिहासिक क्षण लेकर आया। इसमें पहली बार एक साथ 12 नए जजों ने पदभार संभाला। दूसरा यह रहा कि इनमें तीन महिला जज बनाई गई हैं। इसके साथ ही पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट देश का पहला हाईकोर्ट बन गया है जहां महिलाओं को जज के लिए सबसे ज्यादा मौका दिया गया है। वीरवार को कार्यवाहक चीफ जस्टिस आशुतोष मोहंता ने सभी को शपथ दिलाई।
वकीलों से हाईकोर्ट जज बने हैं जयश्री ठाकुर, दीपक सिब्बल, अनुपिंदर सिंह ग्रेवाल, हरिपाल वर्मा, अमित रावल, राजमोहन सिंह व बीएस वालिया। सेशंस जज से प्रमोट होकर हाईकोर्ट जज बनने वालों में हरियाणा से दर्शन सिंह, डॉ. शेखर कुमार धवन, स्नेह पराशर, राज राहुल गर्ग और पंजाब से गुरमीत राम का नाम शामिल है। हाईकोर्ट में जजों की संख्या 57 तक पहुंच गई है। 5 डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज को प्रमोट करके हाईकोर्ट जज बनाया गया है, जबकि हाईकोर्ट के सात वकीलों को जज बनाया गया है। हाईकोर्ट में प्रस्तावित जज संख्या 68 से बढ़ाकर 85 कर दी गई है।
नवरात्र का किया इंतजार
आमतौर पर राष्ट्रपति से नाम क्लीयर होने के दूसरे दिन ही जजों को शपथ दिला दी जाती है। इन जजों के नाम करीब एक हफ्ता पहले ही क्लीयर हो चुके थे, लेकिन पितृपक्ष के चलते इन्हें शपथ नहीं दिलाई गई, नवरात्र का इंतजार किया गया।
तीन महिला जजों ने गुरूवार को ली शपथ, जज बनने वालों में सात वकील, 5 सेशंस जज हुए प्रमोट
जयश्री ठाकुर चंडीगढ़ प्रशासन के पैनल पर एडीशनल गवर्नमेंट प्लीडर और हाईकोर्ट में प्रशासन की तरफ से पैरवी कर रही हैं। ठाकुर नेशनल लेवल की बास्केट बॉल प्लेयर रही हैं और उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी में छह साल तक पढ़ाया भी है। कार्यवाहक चीफ जस्टिस आशुतोष मोहंता ने शपथ दिलाई।
सात महिला जज पहले से, एक का तबादला राजस्थान
दो महिलाओं को डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज से प्रमोट किया गया जबकि एक महिला वकील को हाईकोर्ट का जज बनाया गया। हाईकोर्ट में सात महिला जज पहले से ही कार्यरत हैं, जबकि एक महिला जज का तबादला राजस्थान हाईकोर्ट किया गया है। ऐसे में कुल महिला जजों की संख्या 11 हो गई है, जो देश में किसी भी हाईकोर्ट में सबसे ज्यादा है।
दूसरा नंबर दिल्ली-मुंबई हाईकोर्ट जहां 8 महिला जज
देश के और किसी भी हाईकोर्ट में महिला जजों की संख्या दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सका है। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के बाद दिल्ली हाईकोर्ट और मुंबई हाईकोर्ट आते हैं, जिनमें 8-8 महिला जज कार्यरत हैं। मुंबई हाईकोर्ट में 65 जज कार्यरत हैं, जबकि दिल्ली हाईकोर्ट में 36 जज कार्यरत हैं। देश के सबसे बड़े इलाहबाद हाईकोर्ट में 84 जज कार्यरत हैं, जबकि वहां महज 4 महिला जज हैं।
पिछला रिकॉर्ड मार्च 1991 में 10 जजों ने ली थी शपथ
> वीरवार का दिन इस लिहाज से भी खास रहा कि इससे पहले मार्च 1991 में हाईकोर्ट में एक साथ 10 जजों ने पद की शपथ ली थी।
> इसके बाद फरवरी 1999 में 8 जजों ने एक साथ पद की शपथ ली थी।
जयश्री ठाकुर : चंडीगढ़ प्रशासन के पैनल पर एडीशनल गवर्नमेंट प्लीडर और हाईकोर्ट में प्रशासन की तरफ से पैरवी कर रही हैं। ठाकुर नेशनल लेवल की बास्केट बॉल प्लेयर रही हैं और उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी में छह साल तक पढ़ाया भी है। कार्यवाहक चीफ जस्टिस आशुतोष मोहंता ने शपथ दिलाई।
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