(शाम करीब 5.30 बजे पुलिस ने फन रिपब्लिक के पास समर्थकों से भरीं 15 बसों, 5 ट्रकों, कारों व जीपों के काफिले को रोका।)
चंडीगढ़ | रोहतक के करौंथा आश्रम संचालक संत रामपाल की बुधवार को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में पेशी है। मंगलवार को उनके करीब चार हजार समर्थक चंडीगढ़ पहुंच गए। नाकों के बावजूद रात तक समर्थकों के आने का सिलसिला चलता रहा। ये समर्थक यदि बुधवार को सड़कों पर उतरे तो लोगों को ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ सकता है। समर्थकों को रोकने के लिए पुलिस ने सभी बॉर्डर्स पर नाके लगाए। सभी डीएसपी, एसएचओ के अलावा करीब 2600 कर्मी तैनात कर दिए गए। लेकिन इससे पहले सेक्टर-25 के रैली ग्राउंड में समर्थक पहुंच चुके थे।
शाम को पुलिस ने फन रिपब्लिक के पास समर्थकों से भरीं 15 बसों, पांच ट्रकों को रोका। रात करीब 10.30 बजे बसें जब हाउसिंग बोर्ड लाइट प्वाइंट की ओर जाने लगी तो पुलिस ने उन्हें वापस मोड़ दिया। पंचकूला के सेक्टर 17 में नाके पर सभी समर्थक बसों से उतर गए और मौलीजागरां व रेलवे स्टेशन से होते हुए सेक्टर-25 की ओर जाने लगे। पुलिस उन्हें नहीं रोक पाई।
ये है मामला
14 जुलाई को हिसार की जिला अदालत में कुछ लोगों के हंगामा मचाने, कोर्ट के बाहर चेन बनाकर वकीलों को रोकने और जज के खिलाफ नारे लगाने के मामले में हाईकोर्ट ने संत रामपाल को पेश होने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए आपराधिक अवमानना के तहत सुनवाई की। हाईकोर्ट ने कड़े तेवर दिखाते हुए कहा था कि न्यायपालिका के खिलाफ की गई गलत टिप्पणियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इसके साथ ही इस घटना में शामिल सभी लोगों को सबूतों के आधार पर नोटिस जारी कर कोर्ट में तलब करने के निर्देश जारी किए थे। रामपाल की तरफ से हाईकोर्ट में जवाब दायर कर कहा गया है कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। नेशनल सोशल सर्विस कमेटी के चेयरमैन राम कुमार ढाका व उनके समर्थकों ने उनके पक्ष में पहले भी प्रदर्शन किया था। ऐसे में उनके पक्ष में कमेटी द्वारा कोर्ट में हंगामा करने की बात हो सकती है।
आगे की स्लाइड में पढ़िए पूरी खबर...