मोहाली । सरकारी ग्रांट के 156 करोड़ रुपयाें का मिसयूज करने के आरोप में फंसे नाइपर के कार्यकारी डॉयरेक्टर केके भूटानी शनिवार को मीडिया से रुबरू होकर अपनी सफाई दे रहे थे। भूटानी काे पीसी को कुछ ही समय हुआ था कि सीबीआई की टीम काॅन्फ्रेंस हॉल में आई और अपने साथ नाइपर स्थित उनके आॅफिस ले गई।
टीम सीधे आॅफिस गई और शनिवार देर रात तक सर्च शुरू कर दी। सूत्रों की मानें तो सीबीआई की टीम पूरे प्रोजेक्ट्स की डिटेलिंग चेक कर रही थी। सारा दिन अटकलें चलती रही कि भूटानी को गिरफ्तार कर लिया गया है लेकिन किसी भी सीबीआई अधिकारी ने इसकी पुष्टि नहीं की थी।
सीबीआई सूत्रों की मानें तो टीम सुबह करीब 12 बजे नाइपर में आई ओर देर रात तक वहीं मौजूद थी। टीम के सदस्य उन प्रोजेक्ट्स की डिटेल व रिकाॅर्ड हासिल कर रहे थे जोकि भूटानी के समय नाइपर में हुए। भूटानी पर नाइपर के पूर्व तीन वैज्ञानिकों डाॅ. परीक्षित बंसल, डॉ. निरंजन रॉय व डॉ. नीरज कुमार ने प्रोजेक्ट में ग्रांट के मिसयूज व उसको दूसरे प्रोजेक्ट्स पर खर्च करने का आरोप लगाया था। इस सरकारी ग्रांट में गड़बड़ी को लेकर ही डाॅ. परीक्षित बंसल ने पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और हाईकोर्ट के निर्देशों पर ही सीबीआई ने जांच की है।
साइफाइंडर मुझसे पहले खरीदा गया
पीसी में भूटानी बोले कि साइफाइंडर (एक सॉफ्टवेयर) के बारे में भूटानी ने बताया कि यह वर्ष 2006 में खरीदा गया था। उस समय डॉ. रमनराओ यहां थे। इससे उनका कोई लेना-देना नहीं था। वहीं जो 11वीं पंचवर्षीय (2007-12) की 165 करोड़ रुपए की सरकारी ग्रांट बताई जा रही है उसमें नाइपर को 116 करोड़ रुपए ग्रांट में मिले थे।
जबकि मांगे 250 करोड़ रुपए गए थे। हर प्रोजेक्ट की डिटेल रिपोर्ट बनाकर मंत्रालय को भेजी गई थी लेकिन ग्रांट कम मिली तो उस हिसाब से पैसा खर्चा गया। इस खर्चे का पूरा हिसाब है। उक्त तीनों डॉक्टरों ने उन पर गलत आरोप लगाए हैं। भूटानी बोले कि वह सीबीआई पर उन्हें पूरा भरोसा है और वह उनसे पूरा सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीबीआई ने जो 13 लाख की एफडी व अन्य सामान बरामद किया है वह उनकी सैलरी में से बचत है। इसके बारे सीबीआई को सारे दस्तावेज दे दिए गए थे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस थी नाइपर के सिल्वर जुबली पर
नाइपर आगामी सोमवार को 25 साल पूरे कर लेगा और उसके लिए नाइपर में रजत जयंती समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रोग्राम में केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री (रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय भारत सरकार) अनंत कुमार मुख्य अतिथि होंगे। इस सिल्वर जुबली प्रोग्राम की जानकारी देने के लिए ही ये प्रेस काॅन्फ्रेंस रखी गई थी। लेकिन इस पीसी में भूटानी ने अपने पर गत दिवस सीबीआई द्वारा करप्शन केस की सफाई देनी शुरू कर दी।