मोहाली। नाइपर में सरकारी ग्रांट में हुए जिस घोटाले का भास्कर तीन साल पहले खुलासा कर चुका है, उस पर शुक्रवार को सीबीआई ने मोहर लगा दी। सीबीआई की टीम ने शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (नाइपर) में रेड मारी।
इसके बाद नाइपर के डायरेक्टर डॉ. केके भुटानी को साथ लेते हुए उनके घर व ऑफिस में छापेमारी की। यहां से कई डॉक्यूमेंट सीबीआई अपने साथ ले गई है। इसके अलावा इंस्टीट्यूट के रजिस्ट्रार को सीबीआई की टीम पूछताछ के लिए अपने साथ चंडीगढ़ आॅफिस ले गई।
नाइपर के डायरेक्टर डॉ. केके भुटानी के खिलाफ कॉर्पोरेशन एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। सूत्रों के अनुसार उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है। इनके अलावा रजिस्ट्रार एंड सीवीओ विंग कमांडर पीजेपी सिंह वड़ैच, डिप्टी रजिस्ट्रार राजेश मौजा, पूर्व रजिस्ट्रार भूपिंदर सिंह, फाइनेंस एंड अकाउंट ऑफिसर एम जोश, पूर्व सेक्शन ऑॅफिसर आॅडिट हरदीप सिंह, प्रोफेसर एंड डीन एके चक्रवर्ती, प्रोफेसर सरनजीत सिंह, पूर्व डायरेक्टर डॉ. पी रामाराव, पुणे की एक प्राइवेट कंपनी व कुछ अज्ञात तथा मिनिस्ट्री ऑफ कैमिकल्स एंड फर्टिलाइजर आॅफिशियल के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इन पर आईपीसी की धारा 120बी, 420, 409,467, 471 व अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
डायरेक्टर के घर से मिले 50 लाख के प्रॉपर्टी के डॉक्यूमेंट
शाम को सीबीआई द्वारा जारी एक प्रेस रिलीज में लिखा गया है कि नाइपर के डायरेक्टर व स्टाफ सरकार के करोड़ों रुपयों का चूना लगा रहा है। पुणे की फर्म भी शामिल है। नाइपर आॅफिशियल,कई प्राइवेट लोग व मिनिस्ट्री ऑफ कैमिकल्स एंड फर्टिलाइजर के कुछ ऑफिसर के साथ मिलकर यह खेल खेल चुके हैं, जिसमें सीबीआई जांच कर रही है। चंडीगढ़, मोहाली, बठिंडा, कुरुक्षेत्र, पुणे, त्रिवेंद्रमपुरम, न्यू दिल्ली व भोपाल में रेड जारी थी।
इसमें नाइपर डायरेक्टर के घर से 13 लाख की एफडीज, 25 लाख बैंक बैलेंस, 50 लाख की प्रॉपर्टी के दस्तावेज से मिले हैं। जबकि डेढ़ करोड़ की लागत की प्रॉपर्टी के दस्तावेज नाइपर रजिस्ट्रार और सीवीओ के घर से मिले हैं। सीबीआई की टीम सुबह साढ़े 7 बजे दो गाड़ियों में नाइपर कैंपस में रेड पर आई। डायरेक्टर भुटानी को हिरासत में लेते हुए साथ लेकर उनके आॅफिस गए।