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नई सोच, नई पहल: 106 बेसहारा लड़कियों के पिता बनकर दिया सहारा

5 वर्ष पहले
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खरड़। आज के समय में जहां माता पिता को अपनी एक या दो लड़कियों को पालना व उनकी देखरेख करने में कई मुश्किलों का सामना पड़ता है। वहीं खरड़ के डॉ हरमिंदर सिंह 106 अनाथ लड़कियों को न सिर्फ पाल रहे हैं, बल्कि उनकी देखरेख व उन्हें शिक्षा भी दे रहे हैं। खरड़ रंधावा रोड़ पर ज्योति स्वरूप कन्या आसरा सोसायटी में इस समय 106 अनाथ लड़कियों की परवरिश की जा रही है।
 
2 साल से लेकर 22 साल तक की इन अनाथ लड़कियों की देखभाल व शिक्षा का सारा जिम्मा डाॅ हरमिंदर सिंह के कंधों पर है। सुबह से लेकर देर रात तक वह इन अनाथ बच्चों के लिए राशन, कापी किताबें, स्कूल ड्रेस, जूते चप्पल और दवा आदि के लिए व्यस्त रहते हैं। डॉ हरमिंदर सिंह ने बताया सभी लड़कियां उन्हें पापा कह कर पुकारती हैं।। इनमें से 2 से 4 साल तक की लड़कियां रात को उनकी गोद में ही सो जाती हैं। उनके सो जाने के बाद ही वह अपने घर को जा पाते हैं। उन्होंने बताया पंजाब में आतंकवाद के दौरान अनाथ लड़कियों को सहारा देने के लिए उन्होंने एक संस्था ज्योति स्वरूप कन्या आसरा सोसायटी बना कर 4 अनाथ लड़कियों को इस आश्रम में लाकर उनकी देखभाल शुरू की थी। 2 साल में ही इन लड़कियों की संख्या बढ़ कर 12 हो गई। साल दर साल लड़कियों की संख्या बढ़ती चली गई। किराये पर ली गई इमारत में जब जगह कम पड़ने लगी तो लोगों के सहयोग से लगभग 400 गज में एक तीन मंजिला इमारत का निर्माण किया। 
 
दे रहे आत्म रक्षा की ट्रेनिंग
सन 2011 में वह बच्चों को इस नई इमारत में ले आये। इस कन्या आश्रम में बच्चों की पूरी देखभाल, सुरक्षा, पूर्ण शिक्षा और ट्रेनिंग सुविधा दी जाती है। शिक्षा पूरी होने पर इन लड़कियों का विवाह संस्था द्वारा किया जाता है। उन्होंने बताया कि वह 5 लड़कियों की उच्च शिक्षा के बाद उन्हें आत्म निर्भर बनाने के बाद उनका विवाह कर चुके हैं। खरड़ के अनेक स्कूल व काॅलेज भी इन लड़कियों को शिक्षा प्रदान करने में मदद कर रहे हैं। लगभग तीन लाख रुपए प्रति महीना इन लड़कियों के रहन-सहन, खाने पीने व शिक्षा पर खर्च होता है। यह सब खर्च लोगों की सहायता से ही चलता है। 
 
 
सरकार नहीं कर रही आर्थिक मदद
डाॅक्टर हरमिंदर सिंह ने बताया 2 साल पहले लड़कियों की लोहड़ी के एक प्रोग्राम में पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री सुरजीत ज्याणी आए थे। स्वास्थ्य मंत्री को जब इस अनाथ कन्या सोसायटी के बारे में अवगत कराया तो उन्होंने इन कन्या आश्रम को 2 लाख रुपए देने की घोषणा की, लेकिन 2 साल बीत जाने के बाद भी इन अनाथ लड़कियों के लिए पंजाब सरकार कोई आर्थिक मद्द नहीं कर रही। डाॅक्टर हरमिंदर सिंह ने बताया कि इससे पहले सांसद रवनीत सिंह बिट्टू, पूर्व विधायक जत्थेदार उजागर सिंह बडाली भी इस आश्रम को आर्थिक मद्द देने की घोषणा कर चुके हैं, लेकिन उन्हें आज तक यह राशि नहीं मिल सकी।
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