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रेत माफिया होगा बेनकाब, नारंग आयोग की रिपोर्ट इसी सत्र में होगी पेश: कैप्टन

3 वर्ष पहले
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चंडीगढ़.  मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ऐलान किया है कि प्रदेश सरकार रेत माफिया को बेनकाब करने के लिए बनाए गए जस्टिस नारंग आयोग की रिपोर्ट विधानसभा के इसी सत्र में पेश करेगी। यही नहीं उन्होंने साथ ही कहा कि इसके अलावा दूसरे मामलों की जांच के लिए बनाए गए आयोगों की रिपोर्ट भी जल्द ही विधानसभा में पेश होंगी। कैप्टन ने यह जानकारी विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर विधायक सुखजिंदर सिंह रंधावा के भाषण के दौरान विपक्ष के नेता सुखपाल सिंह खैहरा द्वारा उठाए गए सवाल का जवाब देते हुए दी।

 

गिल आयोग की रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जा रहा

बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सूबे में पवित्र ग्रंथों की बेअदबी की जांच के लिए गठित जस्टिस (रिटायर्ड) रणजीत सिंह आयोग और अकाली-भाजपा सरकार के दौरान लोगों पर दर्ज हुए झूठे मामलों की जांच के लिए गठित जस्टिस (रिटायर्ड) महताब सिंह गिल आयोग की रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

 

इधर, किसान कर्ज माफी पर अकाली-भाजपा का काम रोको प्रस्ताव

किसानों पर 90 हजार करोड़ का कर्ज माफ करने के मुद्दे पर विधानसभा में काम रोको प्रस्ताव को स्पीकर के अस्वीकार करने के विरोध में अकाली दल और भाजपा विधायकों ने वेल में जाकर नारेबाजी की। इसी मुद्दे पर आम आदमी पार्टी के विधायकों ने विधानसभा से वॉकआउट किया। लोक इंसाफ पार्टी के विधायक सिमरजीत सिंह बैंस और बलविंदर सिंह बैंस भी आप के वॉकआउट का समर्थन किया। पूर्व मुख्यमंत्री परकाश सिंह बादल भी साथी विधायकों के साथ वेल में पहुंचे।

 

आप के 2 चेहरे : कभी कांग्रेस के साथ, कभी खिलाफ 

सदन में बुधवार को बेअदबी का मामला गूंजा। इस दौरान मुख्य विपक्षी दल आम आदमी पार्टी के विधायक भी कांग्रेस सरकार के साथ खड़े दिखाई दिए। विपक्ष के नेता सुखपाल सिंह खैहरा ने अकाली-भाजपा सरकार के दौरान दर्ज हुए केसों की जांच करने और आरोपियों  को कठघरे में लाने के लिए कैप्टन अमरिंदर सिंह सराकर द्वारा किए जा रहे प्रयासों का समर्थन किया। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि जस्टिस मेहताब गिल आयोग को स्थायी तौर पर नियुक्त कर दिया जाए और पुलिस ज्यादतियों के सभी मामलों की जांच स्थायी आयोग के अधीन कर दिया जाए।

 

कांग्रेस को बैकफुट पर आना पड़ा

विधानसभा में कांग्रेस उस समय बैकफुट पर आ गई जब आप विधायक अमन अरोड़ा ने खुलासा किया कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी मानहानि के एक केस में भाजपा नेता प्रेम कुमार धूमल से माफी मांगी थी। केजरीवाल को लेकर आक्रामक दिखाई दे रहे कांग्रेस सदस्य अचानक अमन अरोड़ा के इस खुलासे से सन्न रह गए। मुख्यमंत्री भी सदन में ही मौजूद थे, इसलिए किसी सदस्य को जवाब में कुछ नहीं सूझा। आखिरकार राजा व‌ड़िंग ने स्थिति संभालते हुए इस माफी को कैप्टन का बड़प्पन करार दिया।

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