स्मार्ट सिटी के लिए फास्ट ट्रैक प्रोजेक्ट में फरीदाबाद
चंडीगढ़ |दक्षिण हरियाणाके फरीदाबाद शहर को अगले 5 साल में स्मार्ट सिटी बनाया जाएगा। केंद्र सरकार ने इसे फास्ट ट्रैक प्रोजेक्ट में शामिल किया है। इसके लिए प्रदेश सरकार से 15 अप्रैल तक रिवाइज्ड प्लान मांगा है। राज्य सरकार की कोशिश है कि संशोधित प्रस्ताव समय से पहले केंद्र सरकार को भिजवा दिया जाए।
शहरी स्थानीय निकाय विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी अनिल कुमार ने बताया कि जिन शहरों के स्मार्ट सिटी के प्रस्ताव स्वीकार हो गए हैं, उनके कंसलटेंट की सहायता से नए संशोधित प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। फरीदाबाद का प्रस्ताव अगले एक-दो सप्ताह में फाइनल होने की उम्मीद है। उल्लेखनीय है कि हरियाणा के दो शहरों करनाल और फरीदाबाद को स्मार्ट सिटी में शामिल किया गया है। जबकि राज्य सरकार गुड़गांव को भी स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करना चाहती है। पहले चरण में घोषित 20 शहरों की लिस्ट में भले ही हरियाणा का नाम नहीं था, लेकिन अब केंद्र सरकार ने फरीदाबाद को फास्ट ट्रैक प्रोजेक्ट के रूप में शामिल किया है। इसे स्मार्ट सिटी बनाने में करीब 1500 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। जबकि 5 साल में केंद्र सरकार 500 करोड़ रुपए ही देगी। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार 14 लाख से ज्यादा आबादी वाले फरीदाबाद में 34 राजस्व गांव और 91 हुडा सेक्टर हैं।
क्या होगा स्मार्ट सिटी में: बड़खल लेक का कायाकल्प। शहर में बिजली के तारों को अंडरग्राउंड करना। कम से कम 10 प्रतिशत बिजली सोलर सिस्टम से उपलब्ध कराना। एडवांस वाटर मैनेजमेंट प्रोग्राम के तहत घरों में सातों दिन 24 घंटे पानी की सप्लाई। रिसाइकिल्ड वेस्ट वाटर और स्टॉर्म वाटर का रीयूज सुनिश्चित होगा। साइंटिफिक तरीके से सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, ट्रांसपोर्टेशन। होटल, हॉस्पिटल, इंस्टीट्यूशन, व्यावसायिक और आवासीय परिसरों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग करना। ऑप्टिकल फाइबर और जीआईएस बेस्ड आईटी कनेक्टिविटी। राहगीरों को सुरक्षित पाथ वे उपलब्ध करवाना। नॉन मोटराइज्ड ट्रांसपोर्ट सिस्टम को प्रोत्साहित किया जाएगा। नॉन व्हीकल स्ट्रीट, जोन और पार्किंग बनाने के साथ ही सोलर और एलईडी आधारित स्ट्रीट लाइट लगाई जाएंगी।