10 दिन तक डीजल ऑटो बैन, आरएसपीएम लेवल हुआ कम
अगरआप डीजल ऑटोरिक्शा में ट्रैवल करते हैं तो पहले यह जान लें कि इनकी वजह से आपकी हेल्थ पर कितना असर होता है। एयर पॉल्यूट करने में चंडीगढ़ में डीजल ऑटो प्रमुख कारण है। प्रशासन की स्टेट एन्वायर्नमेंट रिपोर्ट में भी पॉल्यूशन का प्रमुख कारण इन्हीं ऑटो को बताया गया है। 30 जनवरी से फिर चंडीगढ़ में पंजाब और हरियाणा राज्यों के डीजल ऑटोरिक्शा की एंट्री बैन कर दी गई है। हालांकि 30 जनवरी के बाद 10 दिनों से ऑटो चोरी छिपे रहे हैं, फिर भी इनकी संख्या में कमी हुई है। 10 दिन में चंडीगढ़ में एयर पॉल्यूशन का लेवल कम हुआ है। खासतौर से रेस्पीरेबल सस्पेंडेड पर्टिकुलेट मैटर्स (आरएसपीएम) और नाइट्रोजन ऑक्साइड के लेवल में एवरेज 25 से 40 माइक्रोग्राम पर क्यूबिक मीटर तक कमी आई है।
अभीचोरी छिपे रहे हैं ऑटो: हालांकिचंडीगढ़ में बैन लगा दिया गया है, लेकिन जीरकपुर, खुड्डा लाहौरा और मोहाली की तरफ से सेक्टर-48, 45 और फर्नीचर मार्केट की तरफ से डीजल ऑटोरिक्शा चंडीगढ़ में रहे हैं। इससे लोगों को नुकसान हो रहा है। हालांकि प्रशासन की सख्ती के बाद इनका शहर में आना कम हुआ है।
नाइट्रोजन ऑक्साइड| 1फरवरी से 10 फरवरी तक 19 सबसे कम और सबसे ज्यादा 37 माइक्रोग्राम पर क्यूबिक मीटर रही।
{ऑटोरिक्शा पर पाबंदी लगने से पहले (2से 7 जनवरी तक)| रेस्पीरेबल सस्पेंड पर्टिकुलेट मैटर्स(आरएसपीएम) में 179 माइक्रोग्राम पर क्यूबिक मीटर था, एसपीएम 217 तक और नाइट्रोजन ऑक्साइड का लेवल 58 तक था।
{ऑटोरिक्शामें बैन लगा तो (8से 21 जनवरी तक)| आरएसपीएम 71 माइक्रोग्राम पर क्यूबिक मीटर तक कम हुआ, एसपीएम 145 तक और नाइट्रोजन ऑक्साइड 38 माइक्रोग्राम पर क्यूबिक मीटर तक।
{बैनहटा तो( 22जनवरी के बाद)| एसपीएम का लेवल करीब 432 माइक्रोग्राम पर क्यूबिक मीटर, रेस्पीरेबल सस्पेंड पर्टिकुलेट मैटर्स(आरएसपीएम) का लेवल 208 तक और नाइट्रोजन ऑक्साइड का लेवल 43 माइक्रोग्राम पर क्यूबिक मीटर तक बढ़ा।
{30तारीख के बाद से अब तक, एंट्री बंद होने से)|सस्पेंडेड पर्टिकुलेटमैटर्स का लेवल 1 फरवरी को 110, 2 फरवरी को 159, 4 को 154 माइक्रोग्राम पर क्यूबिक मीटर। रेस्पीरेबल सस्पेंडेड पर्टिकुलेट मैटर्स 1 से 8 फरवरी तक एवरेज 52 से 140 माइक्रोग्राम पर क्यूबिक मीटर तक रहा।
{8 से 22 जनवरी तक| एसटीएने डीजल ऑटोरिक्शा की एंट्री पूरी तरह बंद कर दी।
{22जनवरी| मोहालीऔर पंचकूला के कुछ लीडर प्रशासक से मिलने गए जहां ऑटोरिक्शा को लेकर चर्चा की गई।
{23जनवरी से 30 जनवरी| पॉलिटिकलप्रेशर के चलते डीजल ऑटोरिक्शा की फिर से एंट्री शुरु हो गई। इस दौरान कोई चालान या ऑटो को इम्पाउंड भी नहीं किया गया।
{30जनवरी से अब तक| प्रशासनने पंजाब और हरियाणा के अफसरों के साथ मीटिंग करने के बाद फिर इन डीजल ऑटोरिक्शा की एंट्री बैन कर दी।